वस्तु निर्यात में 2025-26 में तीन प्रतिशत की आ सकती है गिरावट: फियो

Edited By Updated: 09 Apr, 2026 06:12 PM

merchandise exports could decline by 3 in 2025 26 fieo

पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण 2025-26 में देश के वस्तु निर्यात में दो से तीन प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है। निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो ने यह बात कही है। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एस सी...

नई दिल्लीः पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण 2025-26 में देश के वस्तु निर्यात में दो से तीन प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है। निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो ने यह बात कही है। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण मार्च में वस्तु निर्यात में सात से आठ प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है। अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी को ईरान पर किए गए संयुक्त हमले ने पश्चिम एशिया को होने वाले देश के निर्यात को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे माल भाड़ा, हवाई परिवहन की लागत और बीमा लागत बढ़ गईं हैं। 

रल्हन ने कहा कि पश्चिम एशिया के देशों से तेल और गैस की आवाजाही में रुकावट के कारण इस्पात, प्लास्टिक और रबड़ जैसे कच्चे माल की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ''पिछले वित्त वर्ष में निर्यात में दो से तीन प्रतिशत और मार्च में सात से आठ प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है।'' हालांकि, रल्हन ने कहा कि भारत के वस्तु और सेवाओं के कुल निर्यात में पांच से छह प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। निर्यात 2024-25 में 825 अरब डॉलर रहा (437 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात और 388 अरब डॉलर का सेवा निर्यात)। वाणिज्य मंत्रालय 15 अप्रैल को निर्यात के आंकड़े जारी करेगा। 

रल्हन ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्धविराम की घोषणा के बाद जहाजों की आवाजाही जल्द ही फिर से शुरू हो जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को उच्च ब्याज दर, 'एडवांस ऑथोराइजेशन' यानी शुल्क छूट योजना के तहत भुगतान को सरल बनाने और विदेश व्यापार महानिदेशालय और सीमा शुल्क के बीच नाम, वर्गीकरण और कोडिंग प्रणाली के मामले में सामंजस्य स्थापित करने जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।  

Related Story

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!