Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Jun, 2026 11:47 AM

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया है। इससे पहले केंद्रीय बैंक ने इसे 4.6% रहने का अनुमान जताया था। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक
बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया है। इससे पहले केंद्रीय बैंक ने इसे 4.6% रहने का अनुमान जताया था। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद कहा कि घरेलू और वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले समय में महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं चालू वित्त वर्ष के लिए कोर इंफ्लेशन 4.7% रहने का अनुमान लगाया गया है।
RBI के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में महंगाई साल के दूसरे हिस्से में अधिक रह सकती है। पहली तिमाही (Q1) में महंगाई 4.2%, दूसरी तिमाही (Q2) में 5.1%, जबकि तीसरी और चौथी तिमाही (Q3 और Q4) में 5.9% तक पहुंचने का अनुमान है। त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ने से कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
महंगाई के जोखिम फिलहाल संतुलित
हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि महंगाई से जुड़े जोखिम फिलहाल संतुलित हैं। गवर्नर ने कहा कि सरकार और केंद्रीय बैंक स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
किन वस्तुओं के बढ़ सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस पर पड़ सकता है। डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे फल, सब्जियों और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। इसके अलावा लोहा, एल्युमिनियम और तांबे जैसी धातुओं की कीमतों में तेजी से इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, वाहन और निर्माण कार्य भी महंगे होने की आशंका है।