Big News: Strait of Hormuz बंद होने का ऐलान, LPG सप्लाई पर खतरा, पेट्रोल-डीजल सुरक्षित

Edited By Updated: 03 Mar, 2026 01:13 PM

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ईरान में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। तनाव के बीच ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में इसका असर...

बिजनेस डेस्कः ईरान में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। तनाव के बीच ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ना तय माना जा रहा है।

LPG सप्लाई पर सबसे बड़ा खतरा

भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 80–85 प्रतिशत आयात करता है और इसका बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर आता है। अगर होर्मुज मार्ग बाधित होता है तो घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। भारत के पास कच्चे तेल की तरह एलपीजी का बड़ा रणनीतिक भंडार उपलब्ध नहीं है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

LNG पर भी संकट

एलपीजी के साथ-साथ एलएनजी की आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। देश अपनी लगभग 60 प्रतिशत एलएनजी जरूरत इसी रूट से पूरी करता है। ऐसे में उद्योग और बिजली उत्पादन क्षेत्र पर भी दबाव बढ़ सकता है।

कतर का उत्पादन प्रभावित

तनाव बढ़ने के बाद Qatar ने अपने प्रमुख एलएनजी निर्यात केंद्र पर उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है। कतर वैश्विक स्तर पर प्रमुख एलएनजी आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। उत्पादन में कमी आने से अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोपीय गैस कीमतों में करीब 50% तक की तेजी दर्ज की गई है।

पेट्रोल-डीजल पर तत्काल संकट नहीं

हालांकि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। भारत के पास लगभग 70–80 दिनों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हाल ही में सऊदी अरब से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की खरीद भी की गई थी। जरूरत पड़ने पर भारत अमेरिका और रूस जैसे वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की ओर रुख कर सकता है।

100 डॉलर पार जा सकता है कच्चा तेल

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जिससे महंगाई पर दबाव बढ़ेगा।

सरकार अलर्ट मोड में

स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपात बैठक बुलाई है। सरकार सप्लाई चेन, वैकल्पिक आयात मार्ग और रणनीतिक भंडार की समीक्षा कर रही है ताकि किसी भी संभावित संकट से निपटा जा सके।

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