Edited By Pardeep,Updated: 30 Apr, 2026 06:16 AM

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को हुई एक लंबी फोन कॉल ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। लगभग डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चली इस बातचीत में दोनों महाशक्तियों के बीच यूक्रेन...
मॉस्को/वॉशिंगटन: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को हुई एक लंबी फोन कॉल ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। लगभग डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चली इस बातचीत में दोनों महाशक्तियों के बीच यूक्रेन युद्ध को रोकने और ईरान संकट पर विस्तार से चर्चा हुई।
विक्ट्री डे पर सीजफायर को तैयार पुतिन
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने पुतिन से कहा कि यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के लिए समझौता अब बहुत करीब है। इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने 'विक्ट्री डे' (Victory Day) के दौरान सीजफायर की घोषणा करने की इच्छा जताई है। ट्रंप ने पुतिन के इस कदम का पुरजोर समर्थन किया है।
जेलेंस्की सरकार पर बरसे दोनों नेता
बातचीत के दौरान दिलचस्प बात यह रही कि ट्रंप और पुतिन, दोनों ही राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के नेतृत्व वाली यूक्रेनी सरकार के व्यवहार पर एकमत दिखे। दोनों नेताओं का मानना है कि यूक्रेनी सरकार इस युद्ध को जानबूझकर लंबा खींच रही है।
ईरान पर सैन्य कार्रवाई की तो होंगे 'गंभीर परिणाम'
यूक्रेन पर शांति की बात हुई, तो ईरान के मुद्दे पर तनाव भी दिखा। पुतिन ने ट्रंप को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या इजरायल ने ईरान के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई की, तो इसके परिणाम बेहद नुकसानदायक और गंभीर हो सकते हैं।
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप अपने रुख पर अड़े दिखे। उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ किया कि जब तक ईरान परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की चिंताओं को दूर नहीं करता, तब तक उसकी नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने तो ईरान पर शक्तिशाली हमलों की योजना भी तैयार कर ली है ताकि परमाणु वार्ता के गतिरोध को तोड़ा जा सके।