Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Apr, 2026 12:15 PM

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को जारी एक परामर्श पत्र में कहा कि मुफ्त वाई-फाई सेवा की इच्छा सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के विस्तार में एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक और आर्थिक बाधा पैदा कर रही है। 'भारत में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क...
नई दिल्लीः भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को जारी एक परामर्श पत्र में कहा कि मुफ्त वाई-फाई सेवा की इच्छा सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के विस्तार में एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक और आर्थिक बाधा पैदा कर रही है। 'भारत में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क का प्रसार' विषय पर जारी परामर्श पत्र में ट्राई ने कहा कि 4जी और 5जी मोबाइल डेटा की आक्रामक कीमतों के कारण भारतीय उपभोक्ताओं की मानसिकता ऐसी बन गई है कि वे इंटरनेट संपर्क को लगभग शून्य लागत वाली वस्तु के रूप में देखते हैं। इसी कारण वे पांच रुपए या 10 रुपये की मामूली दर पर भी सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट के लिए वाउचर खरीदने में संकोच करते हैं।
ट्राई ने कहा, ''मुफ्त वाई-फाई की व्यापक इच्छा सार्वजनिक वाई-फाई के विस्तार में एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक और आर्थिक बाधा के रूप में काम करती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उन हॉटस्पॉट प्रदाताओं की व्यावसायिक व्यवहार्यता को कमजोर करती है जो सशुल्क बिजनेस मॉडल पर काम करते हैं।'' नियामक ने कहा कि भारत में प्रतिस्पर्धी डेटा शुल्क और मोबाइल उपयोग की सुविधा ने अनजाने में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क को अपनाने और उनकी व्यावसायिक स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा कर दी है। ट्राई ने इस परामर्श पत्र पर टिप्पणी के लिए 25 मई और जवाबी टिप्पणी के लिए आठ जून की अंतिम तारीख तय की है।