Edited By Tanuja,Updated: 28 Apr, 2026 12:56 PM

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के अहम तेल केंद्र खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जे की धमकी दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह कदम जोखिम भरा है और युद्ध भड़का सकता है। समुद्री नाकेबंदी को ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार भी...
International Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खर्ग द्वीप को लेकर बड़ा बयान दिया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकलता, तो अमेरिका इस द्वीप पर कब्जा करने जैसे विकल्प पर भी विचार कर सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान के सबसे अहम तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर कब्जे की धमकी ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। इस रणनीति पर अमेरिकी विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यह कदम बेहद खतरनाक साबित हो सकता और क्षेत्रीय युद्ध को और भड़का सकता है।
खार्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से लगभग 90% तेल निर्यात होता है। फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप बड़े तेल टैंकरों के लिए मुख्य लोडिंग प्वाइंट है। अगर इस पर नियंत्रण हो जाता है, तो ईरान की आय पर सीधा असर पड़ सकता है।हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस द्वीप पर कब्जा करना आसान नहीं होगा। यह ईरान की मुख्य भूमि से सिर्फ करीब 33 किलोमीटर दूर है, जिससे वहां से मिसाइल, ड्रोन और अन्य हथियारों से हमला किया जा सकता है। ऐसे में अगर अमेरिकी सैनिक वहां तैनात होते हैं, तो उनकी सुरक्षा पर बड़ा खतरा रहेगा।
विशेषज्ञ Michael Eisenstadt का मानना है कि जमीन पर सेना भेजना मनोवैज्ञानिक दबाव तो बना सकता है, लेकिन इससे अमेरिकी सैनिक सीधे खतरे में आ जाएंगे। ईरान अपने ही बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कीमत पर भी जवाबी हमला कर सकता है। अगर अमेरिका ऐसा कदम उठाता है, तो ईरान और उसके सहयोगी कड़ा जवाब दे सकते हैं। इसमें Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगें बिछाना, ड्रोन हमले करना या खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शामिल हो सकता है। इससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा और कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि सीधे कब्जे के बजाय समुद्र में नाकेबंदी (sea blockade) ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है। इसमें ईरान से निकलने वाले तेल जहाजों को रोका जा सकता है, जिससे बिना बड़े सैन्य टकराव के आर्थिक दबाव बनाया जा सकता है। इसके अलावा, खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लेने से भी युद्ध खत्म होने की गारंटी नहीं है। ईरान के पास अन्य छोटे बंदरगाह हैं, जिनके जरिए वह तेल निर्यात जारी रख सकता है। इसलिए यह कदम निर्णायक साबित नहीं होगा। कुल मिलाकर, खार्ग द्वीप को लेकर अमेरिका की यह रणनीति एक बड़ा और जोखिम भरा दांव मानी जा रही है। इससे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।