Tomato Price Crash: टमाटर के दाम धड़ाम, किसानों को भारी नुकसान!

Edited By Updated: 13 Apr, 2026 06:19 PM

tomato prices crash farmers suffer heavy losses

गर्मी की शुरुआत के साथ आमतौर पर सब्जियों के दाम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है लेकिन इस बार टमाटर के भाव ने ट्रेंड को उलट दिया है। जहां गर्मियों में टमाटर महंगा होता है, वहीं इस साल दिल्ली-एनसीआर में इसका खुदरा भाव करीब 20 रुपए प्रति किलो तक आ गया...

बिजनेस डेस्कः गर्मी की शुरुआत के साथ आमतौर पर सब्जियों के दाम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है लेकिन इस बार टमाटर के भाव ने ट्रेंड को उलट दिया है। जहां गर्मियों में टमाटर महंगा होता है, वहीं इस साल दिल्ली-एनसीआर में इसका खुदरा भाव करीब 20 रुपए प्रति किलो तक आ गया है।

टमाटर की कीमतों में आई इस अप्रत्याशित गिरावट से उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिली है लेकिन किसानों के लिए यह भारी नुकसान का सौदा साबित हो रहा है।

टमाटर क्यों सस्ता?

दरअसल, गर्मियों में दिल्ली-एनसीआर में टमाटर की स्थानीय खेती कम होती है और सप्लाई हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और दक्षिण भारत से आती है। आंध्र प्रदेश का मदनपल्ली क्षेत्र टमाटर उत्पादन के लिए प्रमुख माना जाता है। इस साल यहां बड़े पैमाने पर खेती हुई लेकिन निर्यात ठप होने से बाजार में सप्लाई ज्यादा हो गई।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण दुबई, कतर और सऊदी अरब जैसे प्रमुख बाजारों में टमाटर का निर्यात लगभग बंद है। शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम बढ़ने से भी निर्यात प्रभावित हुआ है। नतीजतन, निर्यात के लिए तैयार टमाटर अब घरेलू बाजार में ही आ रहा है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।

टमाटर की खपत कम 

घरेलू मांग में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। एलपीजी संकट के चलते कई रेस्टोरेंट और ढाबों का संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे टमाटर की खपत कम हो गई है।

व्यापारियों के अनुसार, इस समय थोक बाजार में टमाटर 10-15 रुपए प्रति किलो मिल रहा है, जिसके चलते खुदरा कीमतें 20-30 रुपए प्रति किलो के बीच बनी हुई हैं। यह पिछले साल के मुकाबले काफी कम है, जब गर्मियों में टमाटर 30-50 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा था।
  
 

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