फिलिप मॉरिस इंडिया ने अवैध तंबाकू व्यापार को प्रतिबंधित करने के लिए सामूहिक कार्रवाई और सरकारी सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया

Edited By Updated: 14 Feb, 2026 10:22 PM

philip morris india reinforces its commitment to collective action

हाल में हुए वित्तीय परिवर्तनों के साथ उद्योग और जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दिया जाना हुआ महत्वपूर्ण। पीएम इंडिया ने उद्योग और सरकारी हितधारकों के साथ जानकारी साझा की एवं क्षमता निर्माण किया।

(वेब डेस्क): एंटी-स्मग्लिंग डे के अवसर पर फिलिप मॉरिस इंडिया ट्रेडिंग प्राईवेट लिमिटेड (फॉर्मर्ली आईपीएम इंडिया होलसेल ट्रेडिंग प्राईवेट लिमिटेड) (पीएम इंडिया) ने सिगरेट के अवैध व्यापार को रोकने के लिए निरंतर सामूहिक कार्रवाई और सरकार के सहयोग का आह्वान किया है। इससे अवैध तम्बाकू उत्पादों के कारोबार को रोकने की कंपनी की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। सिगरेट का अवैध व्यापार एक गंभीर चुनौती है, जिस पर सभी हितधारकों द्वारा तुरंत ध्यान दिए जाने और मिलकर ठोस कार्रवाई किए जाने की जरूरत है। औद्योगिक लीडर्स को सिगरेट का अवैध कारोबार रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा।

भारत सरकार (जीओआई) ने प्रवर्तन की मशीनरी को मजबूत बनाने के लिए ट्रैक एंड ट्रेस (टी एंड टी) प्रणाली शुरू की है, जिससे कानूनी अधिकारी अवैध और वैध उत्पादों में अंतर करने में समर्थ बने हैं। अब यह जरूरी हो गया है कि अवैध सिगरेट के कारोबार के व्यापक नतीजों पर भी गौर किया जाए। द वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशनस ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भारत में सिगरेट का सेवन करने वाले अनुमानित 267 मिलियन व्यस्क हैं। इसलिए भारत अवैध सिगरेट के लिए दुनिया का चौथा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है। यहाँ पर घरेलू सिगरेट उद्योग में तस्करी करके लाए गए सिगरेट का हिस्सा एक चौथाई है। 
22 जुलाई, 2025 को लोकसभा में एक गैरतारांकित सवाल के लिए मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा दिए गए जवाब के मुताबिक कस्टम्स फील्ड फॉर्मेशन्स और डीआरआई ने जून 2025 तक वित्तवर्ष में लगभग 3.93 करोड़ सिगरेट जब्त किए। ये ऑपरेशन इस समस्या की गहराई प्रदर्शित करते हैं, जिसमें अक्सर तस्करी की जटिल तकनीकें और कई देशों में फैला अपराधिक नेटवर्क शामिल होता है। 

पीएम इंडिया ने साल 2025 में 10 राज्यों के 500 से अधिक बाजारों में 3000 दुकानों पर एक मार्केट सर्वे करवाकर प्रतिबंधित सिगरेट की जानकारी एकत्रित की। इसके साथ ही, संगठन ने कस्टम्स और टैक्स के 145 से अधिक अधिकारियों को अवैध सिगरेट की पहचान करने के लिए क्षमता निर्माण का सहयोग भी दिया। मार्केट इंटैलिजेंस का उपयोग करने और उद्योग एवं सरकार के बीच बातचीत को बढ़ावा देने से सप्लाई चेन की सुरक्षा करने तथा अवैध सिगरेट को देश में आने से रोककर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को सपोर्ट करने की पीएम इंडिया की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। पीएम इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, नवनील कर ने कहा, ‘‘अवैध कारोबार वैध व्यवसायों को दीमक की तरह खा जाता है। इससे सरकारी खजाने को राजस्व का नुकसान होता है। ग्राहक अवैध और हानिकारक उत्पादों के संपर्क में आते हैं। 

भारत में अवैध तम्बाकू उत्पादों के खिलाफ संगठित लड़ाई की जरूरत बढ़ती जा रही है क्योंकि यह देश दुनिया में तम्बाकू के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। दूसरी तरफ, यहाँ पर धूम्रपान करने वाली दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी निवास करती है। पीएमआई के पास दुनिया के सबसे आधुनिक टीएंडटी सिस्टम्स का महत्वपूर्ण और व्यवहारिक अनुभव है, जिन्हें दुनिया के 140 से अधिक देशों में लागू किया जा चुका है। भारत में हम स्थानीय पार्टनरशिप्स और ग्लोबल एक्सपर्टाईज़ को मिलाकर एन्फोर्समेंट को मजबूत करते हैं, ग्राहकों की सुरक्षा करते हैं और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में अपना योगदान देते हैं। भारत में तस्करी करके लाए गए तम्बाकू उत्पादों के खिलाफ संगठित लड़ाई की जरूरत बढ़ती जा रही है क्योंकि यह देश दुनिया में तम्बाकू के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। दूसरी तरफ, यहाँ पर धूम्रपान करने वाली दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी निवास करती है। इस एंटी-स्मग्लिंग डे के अवसर पर एक बार फिर हम सरकार और उद्योग के सहयोग पर जोर देते हैं, जो सिगरेट की कालाबाजारी को रोकने और वैध सप्लाई चेन की सुरक्षा करने के लिए बहुत जरूरी है।’’

एक संगठित और सशक्त प्रणाली, इनोवेटिव टेक्नोलॉजी और मजबूत पार्टनरशिप भारत को दुनिया के सबसे पारदर्शी, सुदृढ़ और भविष्य की ओर अग्रसर सिगरेट परिवेश के निर्माण में लीडर के रूप में स्थापित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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