Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 Feb, 2026 04:17 PM

एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि मुश्किलों में घिरी एयरलाइन के आमूलचूल बदलाव का अभियान अब टेस्ट मैच के पांचवें दिन में पहुंच चुका है जब अधिकांश बड़े काम पूरे हो चुके हैं। विल्सन ने...
नई दिल्लीः एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि मुश्किलों में घिरी एयरलाइन के आमूलचूल बदलाव का अभियान अब टेस्ट मैच के पांचवें दिन में पहुंच चुका है जब अधिकांश बड़े काम पूरे हो चुके हैं। विल्सन ने बृहस्पतिवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर एयर इंडिया के नए लाउंज के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि इस कायाकल्प प्रक्रिया के अंतिम दौर में अब मुख्य रूप से परिष्करण और अंतिम क्रियान्वयन को अंजाम देना है।
विल्सन ने कहा, "मुझे लगता है कि हम शायद टेस्ट क्रिकेट मुकाबले के पांचवें दिन की सुबह में हैं। बहुत सारे विमानों को अभी भी व्यापक मरम्मत की प्रक्रिया से गुजरना है, लेकिन अब यह एक यांत्रिक प्रक्रिया बन गई है। डिजाइन, प्रमाणन और योजना का काम पूरा हो चुका है।" जनवरी, 2022 में टाटा समूह के हाथों में सौंपी गई एयर इंडिया को पिछले चार वर्षों में लगातार प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है और तमाम कोशिशों के बावजूद वह अब भी घाटे में ही चल रही है। एयरलाइन के बेड़े में इस समय करीब 190 विमान हैं और उनका नवीनीकरण किया जा रहा है। निजीकरण के बाद जनवरी में एयर इंडिया को पहला बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर मिला था।
न्यूजीलैंड मूल के विल्सन ने कहा कि अब केवल सीटों के निर्माण, आपूर्ति और उन्हें लगाने का काम बाकी है, जिसमें समय लगेगा, लेकिन "बड़ा काम" पूरा हो चुका है। विल्सन ने कहा कि एयरलाइन को कई अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इनमें जून, 2025 में अहमदाबाद में हुआ बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर हादसा और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने से परिचालन लागत पर पड़ा असर शामिल है। उन्होंने बताया कि 'विहान.एआई' नामक पंचवर्षीय कायाकल्प योजना के तहत 22 तरह के अलग-अलग काम हैं, जिनमें से अधिकांश पूरे हो चुके हैं या अपने अंतिम चरण में हैं। विल्सन ने नवंबर, 2024 में इस कायाकल्प यात्रा को एक टेस्ट मैच बताते हुए कहा था कि एयरलाइन तब तीसरे दिन के लंच ब्रेक के आसपास है लेकिन अब उनका मानना है कि एयरलाइन इस प्रक्रिया के अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है।
लाभप्रदता पर पूछे गए सवाल का सीधा जवाब देने से बचते हुए विल्सन ने कहा कि भारत-पाकिस्तान तनाव, विभिन्न देशों में राजनीतिक बदलाव, शुल्क और अमेरिकी वीजा पाबंदियों जैसे कारकों ने प्रदर्शन को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, "ये सभी चीजें किसी भी एयरलाइन के प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं। हमें इससे निपटते हुए आगे बढ़ना होगा।" पिछले महीने सूत्रों ने कहा था कि एयर इंडिया लाभप्रदता हासिल करने के लिए एक संशोधित योजना पर काम कर रही है, जिसमें अभी तीन से चार साल और लग सकते हैं।