Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Feb, 2026 01:43 PM

दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली आधार को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब तक 2.5 करोड़ से ज्यादा ऐसे आधार नंबर निष्क्रिय कर चुकी है, जो उन लोगों के नाम पर थे जिनका निधन हो चुका है। इस कदम...
बिजनेस डेस्कः दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली आधार को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब तक 2.5 करोड़ से ज्यादा ऐसे आधार नंबर निष्क्रिय कर चुकी है, जो उन लोगों के नाम पर थे जिनका निधन हो चुका है। इस कदम का उद्देश्य आधार डेटाबेस को अपडेट रखना और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकना है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देशभर में जारी है, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ केवल वास्तविक और जीवित लाभार्थियों तक ही पहुंचे।
सरकार के अनुसार, किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसका आधार सक्रिय रहने से बैंक खाते खोलने, सिम कार्ड लेने या सरकारी योजनाओं में फर्जी लाभ लेने का खतरा बढ़ जाता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए मृत व्यक्तियों के आधार नंबर बंद किए जा रहे हैं।
फिलहाल देश में करीब 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक हैं, ऐसे में इतने बड़े डेटाबेस को सही और अपडेट रखना बड़ी चुनौती है। कई बार मृत्यु का रजिस्ट्रेशन और आधार में दर्ज पता अलग-अलग जगहों का होता है, इसलिए अलग-अलग डेटाबेस को मिलाकर सत्यापन किया जा रहा है।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ने बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक सुविधा, फेस ऑथेंटिकेशन में लाइवनेस डिटेक्शन और डेटा वॉल्ट में एन्क्रिप्शन जैसे तकनीकी उपाय लागू किए हैं। साथ ही एक नया आधार ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिससे परिवार के सदस्य आसानी से मृत्यु की सूचना दे सकें। सरकार का कहना है कि ये कदम आधार सिस्टम को और ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में उठाए गए हैं।