Edited By Sanjeev,Updated: 27 Oct, 2026 07:50 AM

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार 24 अक्टूबर को शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर इमरजेंसी गेट नंबर 5 के पास पोस्टर चिपकाए गए और गेट नंबर 7 के पास एक दीवार पर काली स्याही से कुछ लिखा गया जिसके बाद इस मामले में केस दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के...
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार 24 अक्टूबर को शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर इमरजेंसी गेट नंबर 5 के पास पोस्टर चिपकाए गए और गेट नंबर 7 के पास एक दीवार पर काली स्याही से कुछ लिखा गया जिसके बाद इस मामले में केस दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक IGI एयरपोर्ट मेट्रो पुलिस ने इस घटना के संबंध में 'दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट' (संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम) और 'मेट्रो रेलवे एक्ट' के तहत एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर एक ट्रेन के अंदर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर मिलने के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार यह FIR 'दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2007' और 'मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002' के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने पोस्टर जब्त कर लिए हैं और मामले की जांच में स्पेशल सेल भी शामिल है। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए दिल्ली पुलिस के पूर्व DCP एल.एन. राव ने कहा कि पोस्टर लगाने की यह हरकत किसी बड़ी साजिश का हिस्सा लगती है और जांच से पता चल जाएगा कि इसके पीछे कौन है।
उन्होंने कहा, 'पोस्टर लगाने की यह घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा लगती है। संभवतः IPC की धारा 120B (जैसा कि इसे पहले जाना जाता था) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच से पता चलेगा कि ये लोग कौन थे, इन्हें पोस्टर लगाने के लिए किसने कहा था, और इनका मकसद क्या था।' इस बात पर जोर देते हुए कि घटना के पीछे का असली मकसद विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा, पूर्व DCP ने कहा, 'गहन जांच के बाद ही इस घटना का सच सामने आएगा। जांच एजेंसी ने FIR दर्ज कर ली है और अब वे सबूत इकट्ठा करके उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेंगे जो असल में इसके लिए जिम्मेदार हैं।'