Edited By Niyati Bhandari,Updated: 15 Oct, 2026 11:26 AM

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आसाराम की उस याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया, जिसमें उसने गुजरात में 2013 के दुष्कर्म मामले में जमानत देने से इन्कार करने के आदेश को चुनौती दी थी। आसाराम ने अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए जमानत मांगी थी। अदालत ने...
नई दिल्ली (एजैंसी): सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आसाराम की उस याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया, जिसमें उसने गुजरात में 2013 के दुष्कर्म मामले में जमानत देने से इन्कार करने के आदेश को चुनौती दी थी। आसाराम ने अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए जमानत मांगी थी। अदालत ने उसकी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।
न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि आसाराम को राजस्थान में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 26 अक्तूबर तक पैरोल मिली हुई है। अदालत ने उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर सुनवाई के लिए 17 नवम्बर की तारीख तय की है।
आसाराम के वकील सिद्धार्थ दवे ने अदालत को बताया कि 85 वर्षीय आसाराम को मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ा था और उसे गहन चिकित्सा इकाई (आई.सी.यू.) में भर्ती कराया गया है। पीठ ने कहा कि पैरोल की अवधि समाप्त होने और आसाराम के आत्मसमर्पण करने के बाद उसकी अपील पर सुनवाई की जाएगी। अदालत ने संबंधित निचली अदालत से मुकद्दमे का डिजिटल और कागजी रिकॉर्ड भी मंगाने का निर्देश दिया।