Edited By Niyati Bhandari,Updated: 11 Aug, 2026 10:20 AM

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह सिर्फ तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इतिहास और भविष्य-दोनों का संगम दिखाई देगा। 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराकर...
नई दिल्ली (ब्यूरो): इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह सिर्फ तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इतिहास और भविष्य-दोनों का संगम दिखाई देगा। 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
समारोह में करीब 5000 विशेष अतिथि शामिल होंगे, जिनमें युवा इनोवेटर, स्टार्टअप, किसान, कारीगर, महिला उद्यमी, वैज्ञानिक, सफाईकर्मी, अस्पतालों के कर्मचारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 2500 एन.सी.सी. कैडेट और माई भारत स्वयंसेवक ज्ञानपथ पर इसकी आकृति बनाएंगे।