हरिद्वार में कथक नृत्य की कार्यशाला का हुआ आगाज, नृत्य मंजरी दास सिखाएंगे बच्चों को नृत्य

Edited By Updated: 21 May, 2024 08:17 AM

manjari das

एब्स्ट्रेक्ट डिवाइन डांस अकादमी द्वारा हरिद्वार में कथक नृत्य की कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जो कि 18 मई से 21 मई तक चलेगा। कथक नृत्य की शिक्षा

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एब्स्ट्रेक्ट डिवाइन डांस अकादमी द्वारा हरिद्वार में कथक नृत्य की कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जो कि 18 मई से 21 मई तक चलेगा। कथक नृत्य की शिक्षा प्रदान करने वाराणसी के रहने वाले पर वर्तमान में श्री धाम वृंदावन में अपनी नृत्य साधना में रत आशीष सिंह (नृत्य मंजरी दास) जी आ रहे हैं। जो बच्चों  को कथक नृत्य की तालीम दे रहे हैं और तीनताल, धमार, पचम सवारी आदि तालों में बच्चो को बंदिशे सिखा रहे हैं। 

कार्यशाला की आयोजक माधवी भट्टाचार्य ने बताया ऐसे आयोजनों से बच्चों में एक नया उत्साह देखा जाता है। नया सीखने और देखने को मिलता है, नई उमंग बनी रहती है और अपनी भारतीय शास्त्रीय नृत्य का भी प्रचार होता रहता है, जो की आज के समय में बहुत जरूरी है।

आशीष सिंह जी से पूछने पर उन्होंने बताया कि हमारी भारतीय संस्कृति धरोहर को बचाने के उद्देश्य से ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए l जिससे आज जहां बॉलीवुड के गानों पर जाकर बच्चे नृत्य सीख रहे जो भारतीय संस्कृति से अलग है। उनको अपनी संस्कृति को जानने और पहचानने का अवसर प्राप्त होगा।

आशीष सिंह कथक कार्यशालाओं के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर विद्यार्थियों को कथक नृत्य की शिक्षा प्रदान करते हैं और उनका कहना है कि बड़े शहरों में तो बहुत कलाकार वर्ग कार्य कर रहा पर गांव और पहाड़ों पर कम लोग दिखते हैं। इसका कारण ये भी है की यहां काम भी नहीं है पर हुनर तो कही भी मिल सकता है और मेरा उद्देश्य तो यही है कि मैं जहा तक हो सके कथक नृत्य को घर-घर तक पहुंचा सकू। इस कार्यशाला से लगभग 50 से 70 बच्चे  नृत्य सीखने का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।


 

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