NCERT's revamp of class 9 syllabus: कक्षा 9 में पढ़ेंगे राम राज्य से लेकर नई शिक्षा नीति तक

Edited By Updated: 07 Oct, 2026 12:31 PM

new education policy

कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी की नई सामाजिक विज्ञान की किताब में अब इतिहास, राजनीति और समाज को समझने का नजरिया पहले से अलग होगा। नई पाठ्यपुस्तक के दूसरे हिस्से ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी : इंडिया  एंड  बियॉन्ड’ में विद्यार्थियों को भारत में...

नई दिल्ली (ज्ञानप्रकाश/ नवोदय टाइम्स): कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी की नई सामाजिक विज्ञान की किताब में अब इतिहास, राजनीति और समाज को समझने का नजरिया पहले से अलग होगा। नई पाठ्यपुस्तक के दूसरे हिस्से ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी : इंडिया  एंड  बियॉन्ड’ में विद्यार्थियों को भारत में शासन व्यवस्था के विकास से लेकर आधुनिक सार्वजनिक नीतियों तक की जानकारी दी गई है।

अध्याय में ‘राम राज्य’ को भारत में शासन की अवधारणा के विकास की यात्रा का एक पड़ाव बताया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, ई-गवर्नेंस, आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी नीतियों से भी परिचित कराया गया है।

इतिहास और राजनीतिक विज्ञान का बदला स्वरूप: 153 पन्नों की इस नई किताब में पहले की तरह इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, भूगोल और अर्थशास्त्र की अलग-अलग पुस्तकों के बजाय सामाजिक विज्ञान को एक व्यापक दृष्टिकोण से समझाने का प्रयास किया गया है। किताब के दूसरे हिस्से में शासन और सार्वजनिक नीति से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी गई है। 

अध्याय-4 ‘गवर्नेंस एंड पब्लिक पालिसी’ में विद्यार्थियों को बताया गया है कि सरकार किस तरह नीतियां तैयार करती है और उनका उद्देश्य समाज की जरूरतों को पूरा करना होता है। इसी क्रम में ‘राम राज्य’ को भारत की शासन संबंधी समझ के विकास की प्रक्रिया से जोड़ा गया है।

एनईपी 2020 को बताया सार्वजनिक नीति का उदाहरण: अध्याय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को सार्वजनिक नीति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया है। नीति की एक प्रमुख विशेषता बड़े पैमाने पर किया गया सार्वजनिक परामर्श था। इसके तहत देश की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों, 6,600 ब्लॉकों, 6,000 शहरी स्थानीय निकायों और 676 जिलों से सुझाव लिए गए। किताब के मुताबिक इस प्रक्रिया में करीब दो लाख सुझाव प्राप्त हुए। इनमें नागरिकों और संस्थानों की ओर से दिए गए कई सुझावों को अंतिम नीति तैयार करते समय शामिल किया गया। इसके बाद 2020 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी।

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