Edited By Sarita Thapa,Updated: 25 Jun, 2026 01:59 PM

हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का बहुत खास महत्व है। इस एकादशी का व्रत बहुत कठिन माना जाता है। भीम द्वारा रखे जाने के कारण इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं।
Nirjala Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का बहुत खास महत्व है। इस एकादशी का व्रत बहुत कठिन माना जाता है। भीम द्वारा रखे जाने के कारण इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। मान्यता है कि निर्जला एकादशी के दिन पूरे विधि-विधान से विष्णु जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाले सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और मनचाही मुराद पूरी होती है। साथ ही इस दिन विष्णु जी और माता लक्ष्मी की खास कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ जगहों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि निर्जला एकादशी की शाम को घर के किन हिस्सों पर दीपक जलाना जरूरी है।
मुख्य दरवाजे
निर्जला एकादशी की शाम घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। क्योंकि मुख्य दरवाजे से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसलिए निर्जला एकादशी की शाम को घर के मुख्य दरवाजे पर चौखट के दाईं ओर दीपक अवश्य जलाएं।
पीपल के नीचे
निर्जला एकादशी की शाम पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जरूर जलाना चाहिए क्योंकि पीपल को बहुत ही पावन वृक्ष माना गया है। मान्यता है कि एकादशी की शाम पीपल के नीचे दीपक जलाने से न केवल पितृ दोष और शनि दोष से मुक्ति मिलती है, बल्कि मां लक्ष्मी स्थायी रूप से आपके घर में निवास करने लगती हैं, जिससे धन का भंडार कभी खाली नहीं होता।

तुलसी के पौधे के पास
तुलसी माता को भगवान विष्णु की सबसे प्रिय वृंदा माना जाता है। निर्जला एकादशी की शाम को स्नान या हाथ-पैर धोकर साफ कपड़े पहनें और तुलसी के पौधे के पास गाय के शुद्ध घी का एक दीपक जलाएं। ऐसा करने से घर का वास्तु दोष समाप्त होता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
लक्ष्मी मंदिर
निर्जला एकादशी की शाम अगर संभव हो तो लक्ष्मी मंदिर में दीपक अवश्य जलाना चाहिए। ऐसा करने से शुभ फलों का प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की खास कृपा मिलती है।

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