OTS & Shaft Vastu: भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी घर महकेगा ताजी हवा से जानें, ओ.टी.एस. और शाफ्ट के लिए ये अचूक वास्तु नियम

Edited By Updated: 13 Jun, 2026 02:23 PM

ots and shaft vastu

OTS & Shaft Vastu: आज के दौर में जमीन की आसमान छूती कीमतों और बढ़ती आबादी ने शहरों में मकानों के आकार को छोटा कर दिया है। अक्सर प्लाट के तीन तरफ निर्माण होने के कारण घर के बीच के कमरों और टॉयलेट में रोशनी व वेंटिलेशन की भारी समस्या पैदा हो जाती है।...

OTS & Shaft Vastu: बढ़ती आबादी के कारण भारत में प्लाट की कीमतें तेजी से बढ़ती जा रही हैं, जमीन की कीमतें बढ़ने के कारण प्लाॅट के साइज छोटे होते जा रहे हैं। इसी के साथ बड़े शहरों में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने का चलन भी बढ़ता जा रहा है, ऐसी स्थिति में घर बनाते समय रोशनी और हवा के लिए चारों तरफ प्लाॅट में खुली जगह छोड़ना मुश्किल होता जा रहा है। आजकल सामान्यतः प्लाॅट के तीनों तरफ मकान बने होते हैं, जहां केवल फ्रंट में ही रोड की तरफ खुला स्थान होता है। जहां से केवल घर के फ्रंट भाग में ही हवा और रोशनी आ पाती है। ऐसी स्थिति में पूरे घर के अंदर खुली हवा और रोशनी की समस्या रहती है। 

OTS and Shaft Vastu

आजकल घर की बनावट में भी परिवर्तन हो गया है। घर में बेडरूम के साथ अटैच लेट बाथ भी बनाये जाते हैं। इसलिए एक घर में 3-3 तथा 4-4 टाॅयलेट बाथरूम बनते हैं, टाॅयलेट की स्मेल बाहर निकल जाये इसके लिए वेंटिलेशन की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में रोशनी और खुली हवा के लिए घर में ओपन टू स्काय और मल्टी स्टोरी बिल्डिंग शाफ्ट देना जरूरी हो जाता है। लेकिन कई बार गलत स्थान पर ओपन टू स्काय अथवा शाफ्ट बनाने से घर का वास्तु बिगड़ जाता है।

मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में 3-4 फ्लैट के बीच में एक काॅमन शाॅफ्ट बन जाती है, ताकि सभी फ्लैटों में रोशनी और हवा आती रहे। कई जगह ऐसी शाफ्ट बनायी जाती है जिसके अंदर आने-जाने के लिए एक्सेस नहीं होता है। सामान्यतः शाफ्ट के कारण फ्लैट का वास्तु बिगड़ जाता है। मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में फ्लैट लेते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि शाफ्ट के कट के कारण फ्लैट का वास्तु तो खराब नहीं हो रहा? शाफ्ट के कारण फ्लैट का ईशान कोण बिल्कुल नहीं कटना चाहिए क्योंकि ईशान कोण कटना महत्वपूर्ण वास्तुदोष होता है।

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    घर में ओपन टू स्काय शाफ्ट बनाते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-
    ओ.टी.एस. कभी भी ईशान कोण में नहीं बनाना चाहिए।

    ओ.टी.एस. उत्तर या पूर्व दिशा में बनाना हो तो इसका फ्लोर लेवल घर के फ्लोर लेवल से 2-4 इंच नीचा रहना वास्तुअनुकूल होता है, लेकिन दक्षिण या पश्चिम दिशा में ओ.टी.एस. का फ्लोर लेवल नीचा बिल्कुल नहीं होना चाहिए।

    ग्राउण्ड फ्लोर पर ओ.टी.एस. में एक्सेस होना जरूरी है, क्योंकि ऐसा होने से उस जगह की सफाई भी हो जाती है। एक्सेस होने के कारण घर का कोई कोना कटता भी नहीं है।

    फर्स्ट फ्लोर पर भी ओ.टी.एस. में फ्लोर लेवल के बराबर लोहे का जाल लगा दिया जाये और उस पर भी आने जाने के लिए एक्सेस दे दी जाये तो बेहतर होता है। एक्सेस होने के कारण फर्स्ट फ्लोर पर भी घर का कोई कोना कटता नहीं है।

    मजबूती के लिए ओ.टी.एस. पर 1-2 फिट ऊंची दीवार बनाकर इसके ऊपर तीनों या चारों तरफ 2-3 फिट की लोहे की ग्रील लगाकर मच्छर जाली लगा दें। ग्रील को ऊपर से प्लास्टिक शीट से कवर कर दें इससे बरसात का पानी घर में नहीं आता, हवा और रोशनी आती रहती है और मच्छर और कीड़े मकोड़े भी घर में नहीं आ पाते।

    ओ.टी.एस. के ऊपर लगी प्लास्टिक शीट का ढाल उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ देना ज्यादा सही होता है।

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    वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
    thenebula2001@gmail.com

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