Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Aug, 2026 10:28 AM

दक्षिण-पूर्व एशियाई देश फिलीपींस जो अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है एक बार फिर लगातार आ रहे भूकंप के तेज झटकों से दहल उठा है। फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी (Phivolcs) के अनुसार दक्षिणी...
मनीला : दक्षिण-पूर्व एशियाई देश फिलीपींस जो अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है एक बार फिर लगातार आ रहे भूकंप के तेज झटकों से दहल उठा है। फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी (Phivolcs) के अनुसार दक्षिणी फिलीपींस में बुधवार के बाद अब आज तड़के भी 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार संस्थान ने कहा कि टेक्टोनिक भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 5:41 बजे 10 किमी की गहराई पर आया जिसका केंद्र बालुट द्वीप के तट से 99 किमी दक्षिण-पश्चिम में था। बता दें कि बुधवार के बाद से यह इस तरह का दूसरा भूकंप है।
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इससे पहले बुधवार को फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी ने बताया था कि दावाओ ऑक्सीडेंटल प्रांत में समुद्र में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था। संस्थान ने कहा कि टेक्टोनिक भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:14 बजे 13 किमी की गहराई पर आया।संस्थान ने कहा कि भूकंप से फिलीपींस को सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
बता दें कि दक्षिण-पूर्व एशिया में द्वीपों का देश फिलीपींस अक्सर भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी से प्रभावित होता रहता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह प्रशांत महासागर के चारों ओर फैली तीव्र भूकंपीय और ज्वालामुखी गतिविधि वाले विशाल घोड़े की नाल के आकार के क्षेत्र, जिसे 'रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है पर स्थित है।
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हाल के ये भूकंप 8 जून को आए उस विनाशकारी भूकंप के बाद आए हैं जिसके कारण इमारतें ढह गईं, भूस्खलन हुआ और पास के मिंडानाओ द्वीप पर कम से कम 76 लोगों की मौत हो गई। उस भूकंप ने कोटाबाटो ट्रेंच को विस्थापित कर दिया और समुद्र तल को दो मीटर (6.6 फीट) तक ऊपर उठा दिया जिससे कोरल रीफ (मूंगा चट्टानों) को नुकसान पहुंचा और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को हानि हुई।