Parashuram Dwadashi Date 2026: संतान सुख और समृद्धि के लिए 28 अप्रैल को रखें व्रत, नोट करें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और नियम

Edited By Updated: 27 Apr, 2026 03:08 PM

parashuram dwadashi

Parashuram Dwadashi Date: जानें साल 2026 में परशुराम द्वादशी कब है? नोट करें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पारण का समय। संतान सुख और समृद्धि के लिए इस दिन व्रत रखने का है विशेष महत्व।

Parashuram Dwadashi Date 2026: सनातन धर्म में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस पावन तिथि को परशुराम द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। इसे कई स्थानों पर रुक्मिणी द्वादशी और मधुसूदन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी को समर्पित यह दिन भक्तों के लिए सुख, समृद्धि और संतान सुख का वरदान लेकर आता है।

PunjabKesari Parashuram Dwadashi

The Parashurama Dwadashi fast will be observed on 28th April 28 अप्रैल को रखा जाएगा परशुराम द्वादशी व्रत
साल 2026 में परशुराम द्वादशी का व्रत 28 अप्रैल, मंगलवार को रखा जाएगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, द्वादशी तिथि का विवरण इस प्रकार है:
तिथि का प्रारंभ: 27 अप्रैल 2026 को शाम 06:15 बजे से।
तिथि का समापन: 28 अप्रैल 2026 को शाम 06:51 बजे तक।
व्रत पारण का समय: 29 अप्रैल 2026 की सुबह 05:42 बजे से 08:21 बजे के बीच।

Parashuram Dwadashi

Why is Parashurama Dwadashi Special? Its Religious Significance क्यों खास है परशुराम द्वादशी, धार्मिक महत्व
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की द्वादशी को परशुराम द्वादशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान परशुराम की पूजा करने से निसंतानों को संतान की प्राप्ति होती है। वैसे तो हिंदू धर्म में संतान प्राप्ति की कामना के लिए बहुत से व्रत, उपवास किए जाते हैं लेकिन शास्त्रों के अनुसार ये व्रत बहुत ही खास माना गया है। भगवान विष्णु ने परशुराम रूप में अवतार लिया था। भगवान परशुराम को अजर-अमर माना गया है इसलिए उनकी पूजा करने से हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है और सूनी गोद को भरने की ख्वाइश भी जल्द पूरी होती है। तो आइए जानतें हैं किस विधि से भगवान परशुराम की पूजा करनी चाहिए-

Parshuram Dwadashi Puja Method परशुराम द्वादशी पूजा विधि: स्नान-ध्यान से फ्री होकर व्रत करने का संकल्प लें। इसके बाद घर के मंदिर में बैठकर चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर परशुराम जी की तस्वीर स्थापित करें। यदि उनका चित्र घर में न हो तो  भगवान विष्णु का चित्र भी रखा जा सकता है। गंगा जल या किसी शुद्ध जल से चित्र या मूर्ति को पवित्र करें। परशुराम जी का ध्यान करते हुए उनको 21 पीले फूल अर्पित करें और पीले रंग की कोई भी मिठाई तुलसी पत्र डालकर अर्पित करें। परशुराम जी की कथा सुनने के बाद इन मंत्रों का 108 बार जाप करें-

ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुराम: प्रचोदयात्।।

'ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नम:।।

'ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो राम: प्रचोदयात्।।'

इन मंत्रों का जाप करने से संतान प्राप्ति की कामना बहुत जल्द पूर्ण हो जाती है।

PunjabKesari Parashuram Dwadashi

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!