ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल: प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा

Edited By Updated: 22 Jun, 2026 03:08 PM

uk pm keir starmer resigns amid pressure from labour party

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने बढ़ते राजनीतिक दबाव और अपनी ही लेबर पार्टी के भीतर विरोध के बीच इस्तीफे की घोषणा कर दी है। लगभग दो साल के कार्यकाल के बाद उनका पद छोड़ना ब्रिटेन की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

London: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने रविवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। उन्होंने प्रधानमंत्री और Labour Party के नेता दोनों पदों से हटने का फैसला लिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले कई हफ्तों से उनकी पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे।

 

स्टारमर अपनी पत्नी के साथ 10 डाउनिंग स्ट्रीट से बाहर आए, जहां समर्थकों ने उनका स्वागत तालियों और नारों से किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दो साल पहले प्रधानमंत्री के रूप में डाउनिंग स्ट्रीट पहुंचना उनके जीवन का सबसे गर्व का क्षण था। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना था और उन्होंने हमेशा देशहित को प्राथमिकता दी।

PunjabKesari


क्यों देना पड़ा इस्तीफा?
स्टारमर पिछले कई महीनों से अपनी पार्टी के भीतर बढ़ते विरोध का सामना कर रहे थे।मुख्य कारणों में स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी का खराब प्रदर्शन।कई सांसदों और मंत्रियों द्वारा नेतृत्व परिवर्तन की मांग। सरकार की नीतियों को लेकर असंतोष। लगातार गिरती लोकप्रियता और जनसमर्थन में कमी  शामिल हैं।  रिपोर्टों के अनुसार 100 से अधिक लेबर सांसद उनके इस्तीफे या नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर चुके थे।

PunjabKesari

कौन हो सकता है अगला प्रधानमंत्री?
स्टारमर के इस्तीफे के बाद अब नए नेता की तलाश शुरू हो गई है। सबसे मजबूत दावेदार के रूप में Andy Burnham का नाम सामने आ रहा है। माना जा रहा है कि उन्हें बड़ी संख्या में लेबर सांसदों का समर्थन प्राप्त है।  इसके अलावा Yvette Cooper( इवेट कूपर),  Angela Rayner (एंजेला रेनर), Wes Streeting (वेस स्ट्रीटिंग)  के नाम भी संभावित दावेदारों में गिने जा रहे हैं।

 

10 साल में सातवां नेता
यदि नया नेतृत्व तय हो जाता है तो पिछले एक दशक में ब्रिटेन को सातवां प्रधानमंत्री मिलेगा। यह ब्रिटिश राजनीति में जारी अस्थिरता और तेजी से बदलते नेतृत्व का संकेत माना जा रहा है।विश्लेषकों का कहना है कि नए नेता के सामने अर्थव्यवस्था, महंगाई, आव्रजन और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
 
 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!