Edited By Sarita Thapa,Updated: 11 Jun, 2026 03:27 PM

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत खास महत्व है। हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। शुक्र प्रदोष का व्रत 12 जून, 2026 को रखा जा रहा है।
Shukra Pradosh Vrat : हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत खास महत्व है। हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। शुक्र प्रदोष का व्रत 12 जून, 2026 को रखा जा रहा है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ शिव जी और माता पार्वती की पूजा करने से मन की हर मुराद पूरी होती है और वैवाहिक जीवन में खुशहाली और मधुरता बनी रहती है। इस दिन कुछ कामों को करने की मनाही होती है। तो आइए जानते हैं प्रदोष व्रत के दिन भूलकर भी कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए।
शुक्र प्रदोष व्रत के न करें ये गलतियां
पूजा में तुलसी दल, केतकी या शंख का प्रयोग
शिव जी की पूजा करते समय कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है। शिव जी की पूजा में कभी भी तुलसी के पत्ते, केतकी के फूल या हल्दी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इन चीजों का प्रयोग करने से शिव जी नाराज हो जाते हैं।
घर में क्लेश, गुस्सा या अपशब्दों का प्रयोग
प्रदोष व्रत का दिन शिव जी की कृपा पाने के लिए बहुत खास और शुभ माना जाता है। इस दिन भूलकर कर भी किसी से अपशब्दों का प्रयोग न करें और घर परिवार में शांति बनाएं रखें। जिस घर में इस दिन वाद-विवाद होता है, वहां दरिद्रता का वास होने लगता है।

नमक और तामसिक भोजन का सेवन
जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है, उसे अपने खान-पान में शुद्धता जरूर रखना चाहिए। इस दिन भूलकर भी नमक और तामसिक भोजन जैसे- प्याज, लहसुन, मास, मछली, मदिरा का सेवन न करें।
काले रंग के वस्त्र पहनना
सनातन परंपरा में मांगलिक कार्यों और व्रतों में कुछ रंगों को अशुभ माना गया है। प्रदोष व्रत के दिन काले रंग के वस्त्र गलती से भी न पहनें। शुक्र प्रदोष के दिन सफेद, पीले, गुलाबी या लाल रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ