Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Jul, 2026 12:15 PM

Sawan upay: भगवान शिव जिनके नाम का अर्थ ही है कल्याण स्वरूप और कल्याणप्रदाता। साक्षात इस कल्याण रूप की आराधना से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं
Sawan upay: भगवान शिव जिनके नाम का अर्थ ही है कल्याण स्वरूप और कल्याणप्रदाता। साक्षात इस कल्याण रूप की आराधना से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि देव, दनुज, ऋषि, महर्षि, योगीन्द्र, मुनीन्द्र, सिद्ध, गन्धर्व ही नहीं, अपितु ब्रह्मा-विष्णु तक भगवान शिव की आराधना करते हैं और उनसे अपनी मनभावन इच्छाओं की पूर्ति करवाते हैं।

जीवन में आए दिन नित नई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिससे मनुष्य व्यथित हो उठता है। शिवपुराण में जीवन की समस्त परेशानियों से उबरने के उपाय बताए गए हैं। जिससे आप अपनी सभी इच्छाओं की पूर्ति कर सकते हैं। निम्नलिखित उपाय से आप स्वस्थ तन, प्रफुल्लित मन और अपार धन पा सकते हैं। आईए जानें कैसे
वैसे तो यह उपाय किसी भी शुभ मुहूर्त में किया जा सकता है लेकिन अगर यह उपाय सावन के सोमवार, सावन त्रियोदशी, सावन शिवरात्रि और सावन पूर्णिमा वाले दिन किया जाए तो उत्तम रहता है क्योंकि सोमवार भगवान शिव को समर्पित है और उनका प्रिय वार है। रविवार, श्राद्ध, संक्रांति, ग्रहण काल, व्रत-उपवास के रोज इस उपाय को करना हो तो ठंडे पानी से नहाएं।
तारों की छांव में उठकर आंखें खोलते ही सर्वप्रथम भगवान शिव के मानसिक रूप से दर्शन करें और मन ही मन उनका नाम जपें। जिस दिन उपाय करना है उस दिन सारा दिन ही नाम जाप करते रहें। नहाने से पूर्व सोलह बार मुंह को स्वच्छ जल से धोएं तत्पश्चात नित्य कार्यों से निवृत्त होकर शुद्ध सफेद रंग के वस्त्र धारण करें।

किसी भी पवित्र नदी, तालाब, कुएं पर जाएं उस स्थान को प्रणाम कर उसमें सिक्का डालें। वहां से मिट्टी लाकर पीपल के पेड़ की छाया में या फिर घर पर ही कुश के आसन पर बैठकर उत्तर दिशा की ओर मुंह करके शिवलिंग का निर्माण करें। विधि-विधान से उसका पूजन करें। बेलपत्र, शमी पत्र, दूब, कुशा, कमल, नीलकमल, ऑक, मदार, कनेर, राई फूल आदि से शिवजी को प्रसन्न किया जाता है। इसके साथ की भोग के रूप में धतूरा, भांग और श्रीफल भगवान शिव को अर्पित करें।