NEET पेपर लीक मामला : क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? केंद्र सरकार के बड़े अधिकारी ने साफ कर दी स्थिति

Edited By Updated: 23 Jul, 2026 06:10 AM

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नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे...

नई दिल्ली: नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की गुंजाइश कम है, क्योंकि सरकार का शीर्ष नेतृत्व उन्हें इन घटनाओं के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं मानता है।

जंतर-मंतर पर छात्रों का हल्ला बोल
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से विरोध-प्रदर्शन जारी है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में छात्र और विपक्षी दल लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

बातचीत की कोशिशें और 'स्थान' पर विवाद
सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ गंभीरता से बातचीत करने की इच्छा जताई है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी, जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह और पीयूष गोयल जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें हुई हैं। हालांकि, बैठक की जगह को लेकर पेंच फंसा हुआ है। जहां सरकार चाहती है कि बातचीत के लिए अड़ियल रुख न अपनाया जाए, वहीं सीजेपी का कहना है कि बैठक किसी मंत्री के आवास के बजाय जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए।

मुआवजे और संसद में चर्चा पर सरकार का रुख
अधिकारी के अनुसार, सरकार उन छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग पर सकारात्मक रूप से विचार करने के लिए तैयार है, जिन्होंने पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा, सरकार संसद में इस मुद्दे पर दो-तीन दिन या उससे अधिक समय तक विस्तृत चर्चा के लिए भी तैयार है।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें:

  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा।
  • मृतक छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
  • प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस ली जाएं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष की 'अव्यावहारिक मांगों' को पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन वह समाधान के लिए चर्चा के द्वार खुले रखे हुए है।

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