सदियों पुराने चांदी के नाग चोरी के बाद फिर टपकेश्वर महादेव के मस्तक पर हुए विराजमान

Edited By Updated: 17 Dec, 2025 02:31 PM

tapkeshwar mahadev news

देहरादून के प्रसिद्ध पौराणिक टपकेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी एक सुखद खबर सामने आई है। सदियों से भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित रहने वाले चांदी के नाग एक बार फिर अपने मूल स्थान पर विराजमान हो गए हैं।

Tapkeshwar Mahadev News : देहरादून के प्रसिद्ध पौराणिक टपकेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी एक सुखद खबर सामने आई है। सदियों से भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित रहने वाले चांदी के नाग एक बार फिर अपने मूल स्थान पर विराजमान हो गए हैं। कुछ समय पहले मंदिर से इन पवित्र नागों की चोरी हो गई थी, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी चोट पहुंची थी।

फिर सुशोभित हुए नाग देवता
देहरादून की तमसा नदी के किनारे स्थित टपकेश्वर महादेव मंदिर न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता बल्कि अपनी प्राचीनता के लिए भी जाना जाता है। यहां के मुख्य शिवलिंग पर चांदी के जो नाग विराजमान थे, वे केवल आभूषण नहीं बल्कि मंदिर की सदियों पुरानी विरासत का हिस्सा थे।

कुछ समय पहले अज्ञात चोरों ने मंदिर की सुरक्षा में सेंध लगाकर भगवान शिव के मस्तक से इन चांदी के नागों को चुरा लिया था। चोरी की इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रबंधन सक्रिय हुआ। सघन चेकिंग और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिशें तेज़ की गई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने न केवल चोरी किए गए नागों को बरामद किया, बल्कि उचित विधि-विधान और शुद्धिकरण के बाद उन्हें दोबारा महादेव के मस्तक पर सुशोभित कर दिया गया है।

भक्तों में हर्ष की लहर
दर्शन पाकर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि ये नाग मंदिर की दिव्यता का प्रतीक हैं और इनका वापस आना महादेव की विशेष कृपा है। टपकेश्वर महादेव वही स्थान है जहाँ गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा ने तपस्या की थी और यहाँ शिवलिंग पर प्राकृतिक रूप से जल की बूंदें टपकती रहती हैं।

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