Edited By Sarita Thapa,Updated: 24 Jun, 2026 03:11 PM

वास्तु शास्त्र का हमारे जीवन में बहुत खास महत्व है। किसी भी काम को करने और घर में किसी चीज को रखने से पहले वास्तु के नियमों का खास ध्यान रखा जाता है। घर का मुख्य द्वार केवल आने-जाने का रास्ता नहीं होता, बल्कि यहीं से मां लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा...
Shoe rack Vastu tips : वास्तु शास्त्र का हमारे जीवन में बहुत खास महत्व है। किसी भी काम को करने और घर में किसी चीज को रखने से पहले वास्तु के नियमों का खास ध्यान रखा जाता है। घर का मुख्य द्वार केवल आने-जाने का रास्ता नहीं होता, बल्कि यहीं से मां लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश होता है। लोग घर के अंदर रखी चीजों को तो वास्तु के हिसाब से रख लेते हैं लेकिन मुख्य द्वार पर रखी चीजों जैसे जूते-चप्पलों और शू-रैक को अकसर नजरअंदाज कर देते हैं। माना जाता है कि अगर शू-रैक को वास्तु के हिसाब से न रखा जाएं तो घर में आर्थिक तंगी होने लगती है और घर के सदस्यों का कई सारी शारीकिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं शू-रैक रखने की सही दिशा और नियमों के बारे में-
भूलकर भी इस दिशा में न रखें शू-रैक
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बहुत महत्व है। घर की उत्तर और पूर्व दिशा को बहुत पवित्र माना जाता है, क्योंकि यहां से कुबेर देव और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। इसलिए इस हिस्से में कभी भी शू-रैक या जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए। शू-रैक रखने के लिए घर की पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा को सबसे उत्तम माना गया है।
मुख्य द्वार के ठीक सामने न हो जूते-चप्पल
कई लोगों की आदत होती है कि वे घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने या एकदम बीचों-बीच शू-रैक रख देते हैं। यह सबसे बड़ा वास्तु दोष है। मुख्य द्वार के ठीक सामने जूते रखने से मां लक्ष्मी का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है और घर में दरिद्रता आती है। शू-रैक को हमेशा मुख्य द्वार के एक तरफ करके रखें।

हमेशा बंद अलमारी या कवर्ड शू-रैक का करें इस्तेमाल
वास्तु के अनुसार, खुले हुए शू-रैक में रखे जूते-चप्पल न सिर्फ देखने में बुरे लगते हैं, बल्कि उनसे निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैलती है। कोशिश करें कि आपके घर का शू-रैक हमेशा दरवाजे वाला या बंद हो।
साफ-सफाई और फटे-पुराने जूतों का नियम
शू-रैक को कभी भी कबाड़खाना न बनने दें। जिन जूतों का आप इस्तेमाल नहीं करते या जो फट चुके हैं, उन्हें तुरंत घर से बाहर निकालें। फटे-पुराने जूते घर में शनि का नकारात्मक प्रभाव बढ़ाते हैं। इसके अलावा, हफ्ते में एक बार शू-रैक को साफ जरूर करें ताकि उसमें धूल और बदबू जमा न हो।

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