Edited By Niyati Bhandari,Updated: 21 Jul, 2026 03:14 PM

Wardrobe Vastu tips: वास्तु के अनुसार वार्डरोब बनवाते समय दक्षिण-पश्चिम में ठोस बेस और उत्तर-पूर्व में हल्कापन रखना क्यों जरूरी है? इस विशेष लेख में विस्तार से पढ़ें।
Wardrobe Vastu tips: घर की सुंदरता बढ़ाने में वार्डरोब या कपबोर्ड की अहम भूमिका होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी गलत दिशा और निर्माण का तरीका आपके घर की सुख-शांति को प्रभावित कर सकता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, वार्डरोब के नीचे बनाया जाने वाला प्लेटफॉर्म केवल सफाई और सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए भी महत्वपूर्ण है। वास्तु के नियमों का पालन करते हुए वार्डरोब को किस दिशा में ठोस बेस के साथ और किस दिशा में हल्का रखना चाहिए, ताकि घर में वास्तु दोष न आए।
सामान्यतः घर के ड्राइंग रूम, लीविंग रूम, बेडरूम या ड्रेसिंग रूम इत्यादि में वार्डरोब बनाते समय उसके नीचे 2 से 3 इंच का ठोस प्लेटफाॅर्म या बेस बनाते हैं, ताकि जब पानी से फर्श की सफाई करें तो वार्डरोब के अंदर रखा सामान सुरक्षित रहे और उसमें पानी न लगे। लेकिन वास्तु के अनुसार यह प्लेटफाॅर्म किस दिशा में और कैसे बनाना है, इसके लिए निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए-

दक्षिण और पश्चिम दिशा- यदि वार्डरोब दक्षिण या पश्चिम की दीवार पर बन रही है, तो उसके नीचे 2-3 इंच का ठोस प्लेटफॉर्म बना सकते है। कोशिश करना चाहिए कि पूरा कपबोर्ड सेट कमरे के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में आए।

यदि उत्तर दिशा, ईशान कोण या पूर्व दिशा में वार्डरोब बन रही है, तो वहां का फ्लोर लेवल घर के बाकी फर्श के बिल्कुल बराबर रखें। इस हल्की दिशा में ऊंचाई या भारीपन देने से वास्तु दोष आता है। यदि यहां कपबोर्ड बनाना हो और इसके बेस में 2-3 इंच की ऊंचाई देना पड़े, तो वह हिस्सा नीचे से ठोस होने के बजाय खोखला होना चाहिए। इसके लिए नीचे प्लाई की सपोर्टिंग पट्टी (स्कर्टिंग) लगा सकते हैं ताकि सामने से वह कवर्ड दिखे, लेकिन इस कारण ईशान कोण ऊंचा या भारी न हो।

वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
thenebula2001@gmail.com
