Edited By Sarita Thapa,Updated: 10 Apr, 2026 01:20 PM

जैसे ही कैलेंडर में अप्रैल और मई का पन्ना पलटता है, सूरज के तेवर सख्त होने लगते हैं। लेकिन आपने गौर किया है कि इस दौरान न केवल बाहर का तापमान बढ़ता है, बल्कि आपके कंघे में फंसे टूटे हुए बालों की संख्या भी बढ़ जाती है।
Why Hair Falls in April May : जैसे ही कैलेंडर में अप्रैल और मई का पन्ना पलटता है, सूरज के तेवर सख्त होने लगते हैं। लेकिन आपने गौर किया है कि इस दौरान न केवल बाहर का तापमान बढ़ता है, बल्कि आपके कंघे में फंसे टूटे हुए बालों की संख्या भी बढ़ जाती है। अक्सर लोग इसे सिर्फ गर्मी का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे विज्ञान और आयुर्वेद का एक गहरा कनेक्शन छिपा है। तो आइए जानते हैं कि क्यों इन दो महीनों में बाल ज्यादा झड़ने शुरू हो जाते हैं।
आयुर्वेद का नजरिया: बढ़ता पित्त दोष
आयुर्वेद के अनुसार, हमारा शरीर पंचतत्वों से बना है और इसमें पित्त अग्नि का प्रतीक है। अप्रैल-मई के दौरान जब बाहर का तापमान बढ़ता है, तो शरीर के भीतर भी पित्त की अधिकता हो जाती है। शरीर में बढ़ा हुआ पित्त बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है। पित्त की गर्मी बालों की जड़ों तक पोषण पहुंचने में बाधा डालती है, जिससे बाल पतले होकर गिरने लगते हैं। इस मौसम में ज्यादा मसालेदार, चाय-कॉफी या तला-भुना खाना पित्त को और भड़काता है, जो सीधे तौर पर हेयर फॉल का कारण बनता है।

विज्ञान क्या कहता है?
प्रोटेक्टिव मोड: रिसर्च के अनुसार, सर्दियों में हमारे बाल अधिक घने होते हैं ताकि सिर को ठंड से बचाया जा सके। जैसे ही वसंत बीतता है और गर्मी आती है, शरीर को इस अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत नहीं होती, इसलिए पुराने बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं।
पसीना और इंफेक्शन: गर्मी में स्कैल्प पर ज्यादा पसीना आता है। पसीने में मौजूद नमक और नमी जब बाहर की धूल-मिट्टी से मिलते हैं, तो स्कैल्प के Pores बंद हो जाते हैं। इससे डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है, जो बालों की जड़ों को ढीला कर देता है।

इस मौसम में बालों को कैसे बचाएं?
पित्त को शांत रखें: अपने आहार में ठंडी चीजें शामिल करें जैसे- नारियल पानी, छाछ, खीरा और तरबूज। ज्यादा मिर्च-मसाले से परहेज करें।
स्कैल्प की सफाई: सप्ताह में कम से कम 2-3 बार किसी माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैम्पू से सिर धोएं ताकि पसीना और गंदगी जमा न हो।
नीम के पानी का उपयोग: नहाने के पानी में नीम की पत्तियां उबालकर उस पानी से सिर धोएं। यह एंटी-बैक्टीरियल होता है और स्कैल्प को इंफेक्शन से बचाता है।
धूप से सुरक्षा: बाहर निकलते समय अपने बालों को स्कार्फ या टोपी से ढंकें। सूरज की सीधी UV किरणें बालों के केराटिन को नुकसान पहुंचाती हैं।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ