Edited By Sarita Thapa,Updated: 12 May, 2026 04:40 PM

साल 2026 का ज्येष्ठ महीना बेहद की खास है। जहां हर साल 4 बड़ा मंगल आते हैं, इस बार पूरे 8 बड़ा मंगल आने वाले हैं। 12 मई को आने वाले दूसरे बड़ा मंगल पर 'पंचक' का साया मंडरा रहा है।
Bada Mangal 12 May 2026 Panchak : साल 2026 का ज्येष्ठ महीना बेहद की खास है। जहां हर साल 4 बड़ा मंगल आते हैं, इस बार पूरे 8 बड़ा मंगल आने वाले हैं। 12 मई यानी आज के दिन आने वाले दूसरे बड़ा मंगल पर 'पंचक' का साया मंडरा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या इस साये में बजरंगबली की पूजा फलदायी होगी। क्या आपकी एक छोटी सी चूक इस बड़े दिन के पुण्य को कम कर सकती है। तो आइए जानते हैं दूसरे बड़ा मंगल का पूरा सच और पूजा की वो गुप्त विधि के बारे में जो आपकी हर बाधा को दूर कर देगी।
क्यों मनाया जाता है बड़ा मंगल ?
शास्त्रों के अनुसार बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल मनाने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहली मान्यता है कि इसी ज्येष्ठ मास में हनुमान जी और भगवान श्री राम का मिलन हुआ था। दूसरी कथा महाभारत से जुड़ी है- जब भीम को अपनी शक्ति पर घमंड हो गया था, तब हनुमान जी ने एक बूढ़े वानर का रूप धरकर उनका अहंकार चूर किया था। इसीलिए इस महीने के हर मंगलवार को 'बुढ़वा मंगल' या 'बड़ा मंगल' के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल का दूसरा बड़ा मंगल 12 मई 2026 यानी आज के दिन पड़ रहा है। खास बात यह है कि इस दिन पंचक भी लग रहा है। ज्योतिष शास्त्र में पंचक को थोड़ा संभलकर चलने वाला समय माना जाता है, लेकिन घबराइए नहीं! हनुमान जी 'संकटमोचन' हैं और उनके भक्तों पर किसी भी दोष का बुरा असर नहीं पड़ता। बल्कि पंचक के दौरान की गई हनुमान भक्ति आपके साहस को और बढ़ा देती है।

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए क्या करना चाहिए?
पहले उपाय के तौर पर बजरंगबली को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर अर्पित करें। यह आपकी बंद किस्मत के ताले खोल सकता है।
इस दिन बूंदी के लड्डू या गुड़-चने का प्रसाद बांटना अत्यंत शुभ है। लखनऊ की परंपरा के अनुसार, प्यासे को पानी पिलाना और शरबत बांटना सबसे बड़ा पुण्य है।
पंचक के प्रभाव को खत्म करने के लिए इस दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ ज़रूर करें।
शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 7 परिक्रमा करें।
12 मई का यह दिन हाथ से न जाने दें। पंचक की चिंता छोड़ें और 'बजरंगबली' के चरणों में खुद को समर्पित कर दें। याद रखिए, जिसकी रक्षा खुद हनुमान जी करें, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।

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