दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव: मतदान से पहले थम गया प्रचार का शोर

Edited By Updated: 11 Sep, 2019 11:56 AM

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नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए 12 सितम्बर को होने वाले मतदान से पहले मंगलवार को प्रचार थम गया। अंतिम दिन सभी छात्र संगठनों ने मोहर्रम की छुट्टी होने के बावजूद प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। प्रत्याशियों ने हॉस्टल व प्राइवेट पीजी में जाकर छात्रों से संपर्क साधा। मंगलवार को उम्मीदवारों ने प्रचार के आखिरी दिन बिना चैन की सांस लिए हॉस्टलों व प्राइवेट पीजी में रहने वाले छात्रों तक पहुंचने के लिए खूब दौड़भाग की। अब वीरवार को डूसू चुनाव के लिए मतदान होगा। जबकि मतगणना शुक्रवार सुबह से शुरू होगी और दोपहर 12 बजे तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। 

प्रचार समाप्ति के साथ ही संगठनोंं में कड़े मुकाबले की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है। हॉस्टलों व प्राइवेट पीजी में पहुंचकर सभी उम्मीदवार छात्र-छात्राओं से अपने-अपने पक्ष में मतदान की अपील करते दिखाई दिए। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. अशोक प्रसाद ने बताया कि पुलिस ने पोस्टर होर्डिंग्स लगाने को लेकर लगभग 13-14 मामले भी दर्ज किए हैं। वहीं प्रशासन भी आचार संहिता का उल्लंघन करने पर कार्रवाई करेगा।

पेपर लैस कैम्पेन का दावा हुआ फेल
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए और स्वच्छता को बनाए रखने के लिए हम इस बार पेपर लैस कैम्पेन करेंगे और नहीं के बराबर पेपर का इस्तेमाल होगा। हर दावे छात्र संगठन कई सालों से डूसू चुनाव होने से पहले करते हैं ओर हर बार यह दावे हवाई साबित होते है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन प्रचार करते युवा हाथों में पम्पलेट की गड्डियां उड़ाते हुए दिखे। नॉर्थ कैम्पस और उसके आसपास की सड़कें चुनाव तक पम्पलेट से पटी दिखाई दीं। 

छात्र संगठन जीत के आकलन में जुटे
डूसू चुनाव के लिए प्रचार खत्म होते ही अब संगठन हर सीट पर जीत का आकलन करने में जुट गए हैं। एनएसयूआई, एबीवीपी चारों सीट पर अपनी जीत के दावे कर रही है। जबकि आइसा छात्रों के बीच अपने को एनएसयूआई व एबीवीपी से अच्छे विकल्प के रूप में लेकर पहुंची है। मुख्य मुकाबला एनएसयूआई व एबीवीपी मेंं ही है। 

जातिगत समीकरणों के आधार पर खड़े किए गए प्रत्याशियों के कारण दोनों संगठन खुद को एक-दूसरे से कमतर नहीं मान रहे। दोनों ही संगठनों का मानना है कि माहौल उनके पक्ष में है। अब संगठनों और उम्मीदवारों ने गणित का खेल भी शुरू कर दिया है। इसके तहत कोई किसी के समर्थकों को तोडऩेे का प्रयास कर रहा है तो कोई समर्थकों से बिठाने की फिराक में है। 

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