Edited By Mansi,Updated: 10 Jun, 2026 05:34 PM
'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' के जरिए टी-सीरीज फिल्म्स और ऑलमाइटी मोशन पिक्चर ने कॉर्पोरेट दुनिया को एक अलग और मानवीय दृष्टिकोण से पेश किया है।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' को रिलीज के बाद दर्शकों और समीक्षकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। प्रेरणादायक कहानी, भावनात्मक गहराई और बेहतरीन अभिनय के दम पर यह सीरीज लोगों के दिलों में खास जगह बना रही है। सीरीज में जिम सर्भ, नसीरुद्दीन शाह, वैभव तत्त्ववादी, नमिता दुबे, कावेरी सेठ और लक्ष्यवीर सरन जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
अमेज़न MX प्लेयर और प्राइम वीडियो पर हो रही है स्ट्रीम
दुनियाभर में Amazon MX Player और Prime Video पर स्ट्रीम हो रही इस सीरीज का निर्माण टी-सीरीज फिल्म्स और ऑलमाइटी मोशन पिक्चर ने किया है। इसके निर्माता भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, प्रभलीन संधू और टी-सीरीज के को-प्रोड्यूसर एवं हेड ऑफ ओरिजिनल्स शिव चनाना हैं। सीरीज को करण व्यास ने लिखा है, जबकि निर्देशन रॉबी ग्रेवाल ने किया है। यह शो विनय कामत की पुस्तक 'Titan: Inside India’s Most Successful Consumer Brand' पर आधारित है, जिसके अधिकार निर्माता सुनील बोहरा ने हासिल किए थे।
कॉर्पोरेट दुनिया को मानवीय नजरिए से दिखाने की कोशिश
'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' के जरिए टी-सीरीज फिल्म्स और ऑलमाइटी मोशन पिक्चर ने कॉर्पोरेट दुनिया को एक अलग और मानवीय दृष्टिकोण से पेश किया है। सीरीज में अतिनाटकीयता और दिखावे की जगह वास्तविकता, भावनात्मक जुड़ाव और किरदारों की गहराई को प्राथमिकता दी गई है।
अब टाटा परिवार और वी.जी. सिद्धार्थ की कहानी पर भी काम
इस विजन को आगे बढ़ाते हुए निर्माता भूषण कुमार और सुनील बोहरा की ऑलमाइटी मोशन पिक्चर अब प्रतिष्ठित टाटा परिवार की प्रेरणादायक कहानी पर भी काम कर रही है। इसके अलावा उन्होंने आने वाली पुस्तक 'Coffee King: The Swift Rise and Sudden Death of Cafe Coffee Day Founder V.G. Siddhartha' के रूपांतरण अधिकार भी खरीद लिए हैं। दोनों निर्माता मिलकर भविष्य में कई प्रेरणादायक कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।
रिलीज के पांच दिन में मिले 45 लाख व्यूज
सीरीज को दुनिया भर से सराहना मिलने के साथ-साथ शानदार व्यूअरशिप भी हासिल हुई है। रिलीज के महज पांच दिनों के भीतर इसे 4.5 मिलियन यानी 45 लाख व्यूज मिल चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सीरीज ने दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है।
अमूल ने भी खास अंदाज में दी श्रद्धांजलि
सीरीज की सफलता का असर इतना व्यापक रहा कि मशहूर ब्रांड अमूल ने भी अपने खास अंदाज में इसे सम्मान दिया। अमूल ने एक विशेष टॉपिकल विज्ञापन जारी किया, जिसमें टैगलाइन थी Made In India – A Bitin’ Story Ghadi Ghadi Khao यह श्रद्धांजलि सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रही।
भारतीय डाक विभाग ने जारी किया स्मारक पोस्टकार्ड
सीरीज को मिली लोकप्रियता और प्रभाव को देखते हुए भारत सरकार के डाक विभाग ने इसके सम्मान में एक विशेष स्मारक पोस्टकार्ड और लिफाफा जारी किया। यह सम्मान उन चुनिंदा कहानियों को मिलता है जो देशभर के लोगों को गहराई से प्रभावित करती हैं।
जानिए सीरीज से जुड़े 8 अनसुने और दिलचस्प तथ्य
1. 70 और 80 के दशक का भारत दोबारा रचा गया
सीरीज की प्रोडक्शन टीम ने उस दौर को जीवंत बनाने के लिए काफी मेहनत की। कॉस्ट्यूम्स, ऑफिस इंटीरियर्स, पुराने विज्ञापन, फैक्ट्री सेटअप और इंडस्ट्रियल डिजाइन तक हर छोटी-बड़ी चीज़ पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि 70 और 80 के दशक के भारत को वास्तविक रूप में दिखाया जा सके।
2. जिम सर्भ के करियर का एक और बायोग्राफिकल किरदार
जिम सर्भ ने खुलासा किया कि उनके अभिनय करियर के लगभग 80 से 90 प्रतिशत किरदार वास्तविक जीवन के व्यक्तियों पर आधारित रहे हैं। 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' भी उनकी ऐसी ही एक और महत्वपूर्ण बायोग्राफिकल भूमिका है।
3. नसीरुद्दीन शाह की तैयारी ने सभी को किया प्रभावित
सीरीज के कलाकारों के मुताबिक, नसीरुद्दीन शाह हर सीन के लिए इतनी तैयारी करके सेट पर आते थे कि कई दृश्यों को पहले ही टेक में फाइनल कर लिया जाता था। उनकी प्रोफेशनलिज्म और अनुभव ने पूरी टीम को प्रभावित किया।
4. क्लासिक हिंदी गीतों से रचा गया नॉस्टैल्जिया
निर्माताओं ने सीरीज में उस दौर की भावनाओं और माहौल को जीवंत करने के लिए कई क्लासिक हिंदी गीतों का इस्तेमाल किया। इससे दर्शकों को 1980 के दशक का एहसास और अधिक वास्तविक लगा।
5. जिम सर्भ ने रिसर्च के दम पर गढ़ा किरदार
टाइटन के संस्थापक जेरक्सेस देसाई की बहुत कम आर्काइव फुटेज उपलब्ध थी। ऐसे में जिम सर्भ ने गहन रिसर्च, बातचीत और अपनी समझ के आधार पर इस किरदार को तैयार किया और उसे यथासंभव प्रामाणिक बनाने की कोशिश की।
6. विग पहनने से किया इनकार
जेरक्सेस देसाई के गंजेपन वाले लुक को वास्तविक दिखाने के लिए जिम सर्भ ने विग का इस्तेमाल करने से मना कर दिया। इसके बजाय वे रोजाना अपने सिर का आधा हिस्सा शेव करवाते थे। शूटिंग के दौरान उन्हें ऑफ-कैमरा अक्सर टोपी और कैप पहननी पड़ती थी।
7. पुरानी फुटेज और विंटेज डिजाइन का इस्तेमाल
निर्माताओं ने सीरीज में आर्काइव फुटेज, पुराने बॉलीवुड गीत, विंटेज एस्थेटिक्स और पारंपरिक प्रोडक्शन डिजाइन का उपयोग किया है, जिससे स्वतंत्रता के बाद के भारत का माहौल जीवंत हो उठा।
8. घड़ियों की कहानी को बनाया भावनात्मक ड्रामा
समीक्षकों ने निर्देशक रॉबी ग्रेवाल की खास तौर पर सराहना की है कि उन्होंने घड़ियों और एक कॉर्पोरेट ब्रांड की कहानी को एक भावनात्मक और मनोरंजक OTT ड्रामा में बदल दिया। आमतौर पर ऐसे विषयों को मुख्यधारा के दर्शकों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है।