Edited By Prachi Sharma,Updated: 12 Oct, 2026 02:19 PM

Kangana Ranaut Ayodhya Visit : एक्ट्रेस और पॉलिटिशियन कंगना रनौत ने रविवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन किए। कंगना ने रामलला के दर्शन के लिए अपनी अयोध्या यात्रा को सचमुच दिव्य और यादगार अनुभव बताया।
Kangana Ranaut Ayodhya Visit : एक्ट्रेस और पॉलिटिशियन कंगना रनौत ने रविवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन किए। कंगना ने रामलला के दर्शन के लिए अपनी अयोध्या यात्रा को सचमुच दिव्य और यादगार अनुभव बताया। उन्होंने अयोध्या की पवित्र भूमि पर पूरा दिन बिताने की इच्छा जताई। मीडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा, "अयोध्या की पवित्र भूमि पर आना हमेशा एक बड़ा सौभाग्य होता है।
आज जब हमने दर्शन किए, तो स्वाभाविक रूप से, इस बेहद पवित्र और शुद्ध भूमि को देखना अपने आप में एक बड़ा सौभाग्य है। सचमुच बहुत अच्छा लगा, और इस विशाल, सुंदर परिसर में मौजूद दूसरे मंदिर भी अद्भुत हैं। अब ऐसा लगता है कि पूरी तरह संतुष्ट होने के लिए हमें परिवार के साथ यहां कम से कम एक पूरा दिन बिताना होगा।
हाल ही में हाई कोर्ट पहुंची कंगना रनौत
इस बीच, हाल ही में, अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपने नाम, तस्वीर, शक्ल-सूरत और अपनी पर्सनैलिटी से जुड़ी अन्य विशेषताओं के कथित अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ अपने पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है। रनौत, जिन्होंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया है और वर्तमान में सांसद हैं, ने अपनी पहचान और पर्सनैलिटी के कथित अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकने के लिए अदालत से दखल की मांग की है।
पर्सनैलिटी अधिकार मोटे तौर पर किसी व्यक्ति के नाम, तस्वीर, आवाज, शक्ल-सूरत, हस्ताक्षर और अन्य विशिष्ट विशेषताओं को अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल से बचाते हैं।
भारतीय अदालतों ने ऐसे अधिकारों को तेजी से मान्यता दी है, खासकर अभिनेताओं और अन्य सार्वजनिक हस्तियों से जुड़े मामलों में। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत द्वारा दायर मुकदमे में समन जारी किया। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी अधिकारों की सुरक्षा की मांग की थी, क्योंकि उनके वकील ने उनसे जुड़ी कथित फर्जी खबरों और AI-जनरेटेड कंटेंट पर चिंता जताई थी।
मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस विकास महाजन ने रनौत की उस अर्जी पर भी नोटिस जारी किया, जिसमें उनके नाम, तस्वीर और पर्सनैलिटी के कथित अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ अंतरिम राहत की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान, अदालत ने रनौत के वकील द्वारा पेश किए गए विभिन्न वेब लिंक की जांच की। एक एनिमेटेड क्लिप और एक मीम पर विचार करते हुए, अदालत ने पाया कि कंटेंट व्यंग्यात्मक लग रहा था। रनौत के वकील ने स्पष्ट किया कि इस चरण में, वह उक्त कंटेंट को हटाने पर जोर नहीं दे रहे थे। रनौत की ओर से पेश वकील साकेत सीकरी ने अदालत को बताया कि शिकायत की अग्रिम प्रति मिलने के बाद, कुछ प्रतिवादियों ने पहले ही कथित आपत्तिजनक सामग्री हटा दी थी। इसके बाद अदालत ने मुकदमे में समन और अंतरिम रोक की मांग वाली अर्जी पर नोटिस जारी किया। अदालत ने रनौत के वकील को पार्टियों का संशोधित मेमो दाखिल करने का भी निर्देश दिया, क्योंकि कुछ प्रतिवादियों ने कार्यवाही से हटा दिया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी, 2027 को होगी।