Edited By Prachi Sharma,Updated: 03 Sep, 2026 05:23 PM

Swara Bhasker : संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत में दिखाए गए जौहर पर सवाल उठाने के बाद अभिनेत्री स्वरा भास्कर विवादों में आ गई थीं। सोशल मीडिया पर भारी आलोचना झेलने के बाद उन्होंने अपने बयान पर स्पष्टीकरण भी दिया लेकिन विवाद थमा नहीं। इसके विरोध...
Swara Bhasker : संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत में दिखाए गए जौहर पर सवाल उठाने के बाद अभिनेत्री स्वरा भास्कर विवादों में आ गई थीं। सोशल मीडिया पर भारी आलोचना झेलने के बाद उन्होंने अपने बयान पर स्पष्टीकरण भी दिया लेकिन विवाद थमा नहीं। इसके विरोध में आगरा में प्रदर्शन शुरू हो गए, जहां एक गुट ने उनके पोस्टर जलाए और उन्हें पैरों से कुचला।
किसने किया प्रदर्शन ?
योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर के नेतृत्व में मंगलवार को यह विरोध-प्रदर्शन हुआ। उन्होंने रानी पद्मावत राजपूत वीरांगनाओं के जौहर व अमर बलिदान का अनादर करने के लिए स्वरा भास्कर की कड़े शब्दों में निंदा की। तोमर का आरोप था कि अभिनेत्री को उस दौर की ऐतिहासिक परिस्थितियों और पृष्ठभूमि की बिल्कुल समझ नहीं है।
जीभ काटने वाले को मिलेंगे 1.51 लाख रुपये
प्रदर्शन के दौरान तोमर ने उम्र रुख अपनाते हुए एलान किया कि स्वरा भास्कर की जीभ काटने वाले व्यक्ति को 1.51 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अभिनेत्री के प्रति बेहद अभद्र और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया।
क्या है पूरा विवाद ?
इस विवाद की शुरुआत 31 अगस्त को दिल्ली के एक कार्यक्रम से हुई, जहां स्वरा भास्कर ने पद्मावत के जौहर वाले दृश्य पर टिप्पणी की थी। उनका मानना था कि जौहर को सम्मान से जोड़कर दिखाने से बलात्कार पीड़िताओं के बीच गलत सन्देश जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल खड़ा किया कि क्या किसी महिला की पवित्रता को उसके जीवन से भी अधिक मूल्यवान माना जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद स्वरा भास्कर ने दी सफाई
जैसे ही स्वरा भास्कर का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो उन्होंने दोबारा से वीडियो बना कर इस मुद्दे पर सफाई पेश की। बाद में स्वरा भास्कर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके साफ किया कि उनका मकसद रानी पद्मावती या किसी भी अन्य महिला को कायर बताना नहीं था। उनकी असली चिंता इस बात को लेकर थी कि आज का सिनेमा किन चीजों का महिमामंडन करता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी भी दुष्कर्म पीड़िता को जीवित बच जाने के कारण खुद को कम साहसी नहीं समझना चाहिए।