Review: रिश्तों की सादगी और प्यार की गहराई को खूबसूरती से बयां करती है 'तेरा मेरा नाता'

Edited By Updated: 26 Jun, 2026 05:14 PM

tera mera nata review in hindi

यहां पढ़ें कैसी है फिल्म तेरा मेरा नाता

फिल्म: तेरा मेरा नाता (Tera Mera Nata)
कलाकार: सूरज पूरी (suraj puri),अंबिका वाणी (ambika vani),दीपिका चिखलिया (deepika chikhaliya) और  पंकज बेरी (pankaj beri)
निर्देशक: चंदा पटेल (Chanda patel)
रेटिंग: 3 स्टार

Tera Mera Nata: आज के दौर में जहां रोमांटिक फिल्मों में ग्लैमर और बड़े-बड़े ट्विस्ट पर ज्यादा जोर दिया जाता है, वहीं 'तेरा मेरा नाता' एक अलग रास्ता चुनती है। यह फिल्म प्यार, विश्वास, त्याग और पारिवारिक मूल्यों को केंद्र में रखकर एक भावनात्मक कहानी पेश करती है। निर्देशक चंदा पटेल की यह पहली फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ रिश्तों की अहमियत का भी एहसास कराती है। फिल्म 26 जून 2026 को रिलीज हुई है और पूरे परिवार के साथ देखी जा सकने वाली एक साफ-सुथरी रोमांटिक ड्रामा फिल्म साबित होती है।

कहानी

फिल्म की कहानी गौरव और मिशा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका रिश्ता केवल रोमांस तक सीमित नहीं रहता बल्कि परिवार, जिम्मेदारियों और त्याग की कसौटी पर भी परखा जाता है। कहानी यह संदेश देती है कि सच्चा प्यार सिर्फ साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे की खुशियों और अपने रिश्तों को बचाने के लिए हर मुश्किल का सामना करने का जज़्बा भी है। फिल्म में कई ऐसे भावनात्मक पल हैं जो दर्शकों को अपने जीवन और रिश्तों से जोड़ने का काम करते हैं। इसकी सरल कहानी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आती है।

डायरेक्शन

निर्देशक और निर्माता चंदा पटेल ने अपने डेब्यू में एक संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली कहानी को बड़े ही संतुलित अंदाज में पेश किया है। उन्होंने बिना किसी अनावश्यक ड्रामे या भव्यता का सहारा लिए रिश्तों की भावनाओं को स्क्रीन पर उतारने की कोशिश की है। फिल्म की रफ्तार संतुलित रहती है और भावनात्मक दृश्यों को प्रभावशाली तरीके से फिल्माया गया है। CP Production के बैनर तले बनी और Blue Diamond Production House द्वारा प्रस्तुत यह फिल्म निर्देशन के स्तर पर एक ईमानदार प्रयास नजर आती है।

एक्टिंग

गौरव के किरदार में सूरज पूरी फिल्म की जान साबित होते हैं। उन्होंने अपने सहज अभिनय और दमदार एक्सप्रेशन्स से किरदार को प्रभावशाली बनाया है। खासकर इमोशनल सीन्स में उनका प्रदर्शन प्रभावित करता है। वहीं मिशा के रोल में अंबिका वाणी ने भी बेहतरीन काम किया है। उनकी मासूमियत और संतुलित अभिनय फिल्म के भावनात्मक पक्ष को मजबूत बनाते हैं। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री स्वाभाविक और दिल को छू लेने वाली लगती है।

दीपिका चिखलिया मां के किरदार में एक बार फिर अपने अनुभव की छाप छोड़ती हैं। वहीं पंकज बेरी ने भी अपने किरदार को गंभीरता और प्रभाव के साथ निभाया है। सहायक कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है।

संगीत और तकनीकी पक्ष

दुष्यंत दुबे का संगीत फिल्म के भावनात्मक माहौल को और गहराई देता है। गाने कहानी के साथ सहजता से आगे बढ़ते हैं और बैकग्राउंड स्कोर कई दृश्यों को प्रभावशाली बना देता है। सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म की खूबसूरती बढ़ाती है। लोकेशनों को आकर्षक तरीके से फिल्माया गया है, जिससे हर फ्रेम देखने में अच्छा लगता है।

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