Edited By Rohini Oberoi,Updated: 13 Aug, 2026 11:29 AM

अपनी कड़क कार्यशैली और दो दशकों के करियर में लगभग 25 बार तबादले के बावजूद जनता के बीच सिंघम नाम से मशहूर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर की कमान संभालते ही उन्होंने...
मुंबई : अपनी कड़क कार्यशैली और दो दशकों के करियर में लगभग 25 बार तबादले के बावजूद जनता के बीच सिंघम नाम से मशहूर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर की कमान संभालते ही उन्होंने खाद्य सुरक्षा के मानकों को लेकर बड़ा राज्यव्यापी अभियान छेड़ दिया है।
हाल ही में पुणे के एक कार्यक्रम में जनता ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका स्वागत किया जिसका वीडियो Unstoppable Tukaram नाम से सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। तुकाराम मुंडे का सीधा संदेश है डिलीवरी भले ही 10 मिनट में हो, लेकिन ग्राहकों की सेहत के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कमिश्नर का पद संभालते ही तुकाराम मुंडे की टीमों ने रेस्टोरेंट, डेयरी, गोदामों और खासतौर पर क्विक-कॉमर्स कंपनियों के 'डार्क स्टोर्स' पर छापेमारी शुरू कर दी है। सबसे बड़ी कार्रवाई मुंबई के मलाड वेस्ट स्थित 'Blinkit' के डार्क स्टोर पर हुई जहां का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान वहां रखे फल-सब्जियों पर कॉकरोच, एक्सपायरी और खराब सामान के साथ जंग लगे रैक्स पाए गए थे। वहीं पुणे के विमान नगर में ब्लिंकिट के गोदाम, भिवंडी स्थित अमेजन के वेयरहाउस और बुलढाणा में रिलायंस रिटेल के आउटलेट पर भी मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कदम उठाए गए हैं।
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वहीं बातचीत के दौरान एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने स्पष्ट किया, ऑनलाइन या क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन करना ही होगा। जिन जगहों या वेंडर्स से ये कंपनियां सामान लेती हैं उनका सही तरीके से पंजीकृत या लाइसेंस प्राप्त होना अनिवार्य है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऑनलाइन सामान बेचते समय उसकी मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) और एक्सपायरी (अंतिम तिथि) की जानकारी छिपाना पूरी तरह गलत है।
कमिश्नर मुंडे ने आम उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने और सीधे शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। यदि किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या डार्क स्टोर के खाद्य उत्पाद पर मैन्युफैक्चरिंग डेट या एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं है तो तुरंत हमारे आधिकारिक पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं। हम उन पर सख्त कार्रवाई करेंगे और ग्राहक ऐसे सामान को बिल्कुल न खरीदें। उन्होंने आगे कहा कि केवल विज्ञापनों या आकर्षक पैकेट के नाम पर भरोसा न करें बल्कि सामान खरीदते समय लेबल को ध्यान से पढ़ें।
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तुकाराम मुंडे के कार्यभार संभालने के बाद से महाराष्ट्र एफडीए की कार्रवाई के आंकड़े:
निरीक्षण: 3,100 से अधिक परिसरों और गोदामों की जांच की गई।
लाइसेंस सस्पेंशन: गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 165 मामलों में लाइसेंस निलंबित किए गए।
सुधार नोटिस: नियमों में कमियों को दुरुस्त करने के लिए 700 से अधिक नोटिस जारी किए गए।
एफडीए प्रमुख ने जोर देकर कहा कि खाद्य सुरक्षा में एक भी लापरवाही पूरे समाज के लिए गंभीर खतरा है इसलिए किसी भी दोषी संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।