Edited By Mansa Devi,Updated: 25 Mar, 2026 01:09 PM

हार्ट अटैक आज के समय में सबसे खतरनाक और आम बीमारियों में से एक बन चुका है। यह तब होता है जब दिल तक जाने वाला ब्लड फ्लो रुक जाता है। आमतौर पर यह ब्लॉकेज कोरोनरी आर्टरीज में होता है, जहां कोलेस्ट्रॉल, फैट और अन्य पदार्थ जमा हो जाते हैं।
नेशनल डेस्क: हार्ट अटैक आज के समय में सबसे खतरनाक और आम बीमारियों में से एक बन चुका है। यह तब होता है जब दिल तक जाने वाला ब्लड फ्लो रुक जाता है। आमतौर पर यह ब्लॉकेज कोरोनरी आर्टरीज में होता है, जहां कोलेस्ट्रॉल, फैट और अन्य पदार्थ जमा हो जाते हैं। इस स्थिति को मेडिकल में कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है, और यह हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों की सबसे बड़ी वजह मानी जाती है।
हार्ट अटैक के मुख्य कारण
हार्ट अटैक के पीछे कई जोखिम कारक होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। इन कारणों में शामिल हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल, बढ़ती उम्र, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, जेनेटिक कारण, तंबाकू और शराब का सेवन, ज्यादा तनाव और हार्ट से जुड़ी पुरानी समस्याएं ये सभी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं।
पुरुषों और महिलाओं में अंतर
Medical Sciences की रिपोर्ट के अनुसार, हार्ट अटैक के मामले पुरुषों में महिलाओं की तुलना में ज्यादा पाए जाते हैं। पुरुषों में पहली बार हार्ट अटैक का औसत उम्र करीब 65 साल होता है, जबकि महिलाओं में यह लगभग 72 साल के आसपास देखा जाता है। यानी महिलाओं में यह खतरा पुरुषों की तुलना में करीब 10 साल देर से बढ़ता है।
खतरे के पीछे की संभावित वजहें
महिलाओं में मेनोपॉज से पहले हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। एक्सपर्ट का मानना है कि इसका कारण एस्ट्रोजन हार्मोन हो सकता है, जो दिल की सेहत को कुछ हद तक सुरक्षित रखता है। पुरुषों में तंबाकू और शराब का सेवन ज्यादा होता है, जो दिल की बीमारियों का बड़ा कारण है। इसके अलावा, मानसिक तनाव और दबाव को संभालने की क्षमता पुरुषों की महिलाओं की तुलना में कम मानी जाती है। लगातार तनाव और मानसिक दबाव दिल पर बुरा असर डालते हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
हार्ट अटैक से बचाव के तरीके
हार्ट अटैक पूरी तरह रोका जा सकता है, अगर समय रहते सावधानी बरती जाए। इसके लिए जरूरी हैं:
- नियमित हेल्थ चेकअप कराना
- ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना
- हेल्दी डाइट अपनाना, जिसमें फल और सब्जियां ज्यादा हों और फैट, नमक व शुगर कम हों
- नियमित एक्सरसाइज और योग
- तनाव को कम करने की कोशिश