इंटरनेशनल साइबर गैंग पर चौंकाने वाले खुलासेः ठगी के लिए अपना रहा ऐसे तरीके, देता है लाखों की कमीश्न

Edited By Updated: 10 Jul, 2026 01:11 PM

10 crore defrauded in digital arrest scam  95 lakh commissions

कंबोडिया के साइबर स्कैम कंपाउंड्स की अंडरकवर पड़ताल में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी पुलिस-ईडी-सीबीआई बनकर ठगी का बड़ा नेटवर्क सामने आया। एजेंट स्क्रिप्ट, ट्रेनिंग और भारी कमीशन का लालच देते हैं। टारगेट पूरा न करने पर युवकों को प्रताड़ित किया जाता है,...

International Desk:  कंबोडिया में संचालित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का बड़ा खुलासा एक अंडरकवर पड़ताल में हुआ है। जांच के दौरान सामने आया कि स्कैम कंपाउंड्स में लोगों को फर्जी पुलिस, ईडी और सीबीआई अधिकारी बनकर "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर ठगी करने की बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती है।रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती किए गए युवकों को पहले सुरक्षित ठिकानों पर रखा जाता है। इसके बाद उन्हें स्कैम कंपाउंड भेजा जाता है, जहां करीब एक सप्ताह तक कंप्यूटर संचालन, अंग्रेजी में बातचीत और पहले से तैयार स्क्रिप्ट के जरिए लोगों को झांसे में लेने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

 

भर्ती एजेंट ने दावा किया कि एक पाकिस्तानी युवक ने भारत के एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करीब 9.5 करोड़ रुपये की ठगी की, जिसके बदले उसे लगभग 95 लाख रुपये कमीशन मिला। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। एजेंट के मुताबिक, नए भर्ती किए गए लोगों को शुरुआत में 800 से 1000 अमेरिकी डॉलर मासिक वेतन दिया जाता है। इसके अलावा ठगी की रकम के आधार पर अलग से कमीशन भी मिलता है।

 

स्कैम नेटवर्क में भारत के मोबाइल सिम कार्ड की खास मांग बताई गई। एजेंट का दावा है कि इन्हीं भारतीय नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को कॉल कर ठगी की जाती है। पीड़ितों के मुताबिक, तय लक्ष्य पूरा न करने पर कर्मचारियों को खाना नहीं दिया जाता, छोटे कमरों में बंद रखा जाता है, मारपीट की जाती है और बिजली के झटके तक दिए जाते हैं। कई लोगों से 20 घंटे तक लगातार काम कराने के भी आरोप हैं।

 

रिपोर्ट के अनुसार, कंबोडिया में कार्रवाई बढ़ने के बाद साइबर गिरोह अब मलेशिया, म्यांमार, श्रीलंका, तुर्कमेनिस्तान और अफ्रीकी देशों में भी अपना नेटवर्क फैला रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक देश में कार्रवाई होने पर ये गिरोह तेजी से दूसरे देशों में शिफ्ट हो जाते हैं, जिससे इन पर पूरी तरह रोक लगाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
  

Related Story

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!