4,500 सैनिकों की मौ'त और अरबों डॉलर खर्च...अब दो दशक बाद अमेरिकी सेना छोड़ रही इराक, जानिए क्या है वजह

Edited By Updated: 30 Sep, 2026 12:00 AM

after two decades the us army is leaving iraq know the reason

वर्ष 2003 में शुरू हुए अमेरिकी आक्रमण के दो दशक से भी अधिक समय बाद अमेरिकी बल इराक में स्थित अपने अंतिम शेष सैन्य ठिकानों को बुधवार (30 सितंबर) तक खाली करने जा रहे हैं।

वॉशिंगटन: वर्ष 2003 में शुरू हुए अमेरिकी आक्रमण के दो दशक से भी अधिक समय बाद अमेरिकी बल इराक में स्थित अपने अंतिम शेष सैन्य ठिकानों को बुधवार (30 सितंबर) तक खाली करने जा रहे हैं। वर्ष 2003 के आक्रमण से शुरू हुई इस सैन्य मौजूदगी के दौरान एक समय 1,70,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक इराक में तैनात थे, जिनकी संख्या जुलाई तक घटकर 200 से भी कम रह गई थी। इस 20 वर्ष से अधिक लंबे युद्ध में लगभग 4,500 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए। इससे पहले 2011 में अमेरिकी बलों की औपचारिक वापसी हुई थी, लेकिन 2014 में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अभियान के तहत उन्हें फिर लौटना पड़ा था। 

प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने तय की 30 सितंबर की समयसीमा
वर्ष 2024 में जो बाइडेन के राष्ट्रपति काल के दौरान अमेरिका और इराक अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन मिशन को समाप्त करने पर सहमत हुए थे। मई में पद संभालने वाले इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने 30 सितंबर को वापसी की "अंतिम और निश्चित" तारीख घोषित किया है। ट्रंप प्रशासन अब इस वापसी की प्रक्रिया को ऐसे समय में पूरा कर रहा है, जब ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान जारी है। 

ईरान ने वापसी को बताया जीत, क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ने के संकेत
ईरान और उसके सहयोगियों ने अमेरिकी सेना की वापसी को एक बड़ी जीत के रूप में देखा है और वे वर्तमान में इराक में गहरा प्रभाव रखते हैं। इराकी सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी सेना के हटने से तेहरान और उसके शक्तिशाली सहयोगियों को इराक में खुली छूट मिल सकती है। इसके अलावा, उन अमेरिकी ठिकानों का हटना भी ईरान-समर्थित समूहों के लिए दबाव का एक स्रोत खत्म कर देगा, जो लगातार इन ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं। 

इस्लामिक स्टेट के फिर से उभरने का खतरा, फालुजा में खौफ
सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना के जाने से इस्लामिक स्टेट (IS) सहित अन्य अमेरिकी विरोधियों को दोबारा सिर उठाने का मौका मिल सकता है। इराकी सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, एक संदिग्ध इस्लामिक स्टेट सेल सेना की वापसी के समय आत्मघाती हमलों को अंजाम देने की साजिश रच रहा है। पिछले दो हफ्तों से स्लीपर सेलों की हलचल देखी गई है और फालुजा के निवासी अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं। 

आगे क्या होगा? इराक के कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी
30 सितंबर के बाद इराक की सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी इराकी बलों पर होगी। हालांकि, बगदाद और वॉशिंगटन के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग जारी रहने की उम्मीद है और प्रधानमंत्री अल-जैदी ने अधिक अमेरिकी निवेश का आह्वान किया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कुर्दिस्तान क्षेत्र के हरीर एयर बेस पर एक छोटी अमेरिकी मौजूदगी बनी रह सकती है। जारी अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच फंसा इराक वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अपने संबंधों को कैसे संतुलित करता है, इसी से तय होगा कि अमेरिकी वापसी से शांति आएगी या कोई नया सत्ता शून्य (पावर वैक्यूम) पैदा होगा।

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