Edited By Pardeep,Updated: 19 Sep, 2026 11:16 PM

ब्राजील और बेल्जियम के वैज्ञानिकों के संयुक्त अध्ययन में डीएनए और जीनोम जांच के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच के नतीजों से पता चला है कि यह बिल्ली किसी पहले से मौजूद बिल्ली की उप-प्रजाति नहीं, बल्कि विज्ञान के लिए पूरी तरह से एक नई प्रजाति...
इंटरनेशनल डेस्कः ब्राजील और बेल्जियम के वैज्ञानिकों के संयुक्त अध्ययन में डीएनए और जीनोम जांच के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच के नतीजों से पता चला है कि यह बिल्ली किसी पहले से मौजूद बिल्ली की उप-प्रजाति नहीं, बल्कि विज्ञान के लिए पूरी तरह से एक नई प्रजाति है। यह बिल्ली आज से लगभग 14 लाख साल पहले ही अपने बाकी रिश्तेदारों से अलग होकर एक नई प्रजाति बन चुकी थी।
'तिलकायो' नाम की कहानी
रिपोर्ट के अनुसार, जिस व्यक्ति को यह बिल्ली मिली थी, वह इसे 'तिलकायो' कहकर पुकारता था। हालांकि स्पेनिश या स्थानीय क्वेशुआ भाषा में इस शब्द का कोई विशेष मतलब नहीं होता, फिर भी वैज्ञानिकों ने इसी नाम को बनाए रखने का फैसला किया है।
बिल्लियों के 'फैमिली ट्री' में बड़ा बदलाव
इस इकलौती बिल्ली की खोज ने बिल्लियों के पूरे 'फैमिली ट्री' को बदलकर रख दिया है। पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि पूरे इलाके में टाइगर कैट की केवल एक ही प्रजाति पाई जाती है और इसीलिए उन्हें खतरे से बाहर माना जाता था। लेकिन इस अध्ययन से खुलासा हुआ है कि वहां असल में एक नहीं, बल्कि पांच अलग-अलग प्रजातियां मौजूद हैं।