Edited By Anu Malhotra,Updated: 21 Sep, 2026 09:15 AM

अमेरिका ने ईरान के लिए एक नई ट्रैवल वॉर्निंग जारी की है। इसमें अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे "किसी भी कारण से" ईरान की यात्रा न करें और जो लोग पहले से वहां मौजूद हैं, वे तुरंत देश छोड़ दें।
तेहरान: अमेरिका ने ईरान के लिए एक नई ट्रैवल वॉर्निंग जारी की है। इसमें अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे "किसी भी कारण से" ईरान की यात्रा न करें और जो लोग पहले से वहां मौजूद हैं, वे तुरंत देश छोड़ दें। यह चेतावनी वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और हालात के और बिगड़ने की आशंका के बीच दी गई है। ईरान में अमेरिकी वर्चुअल एम्बेसी ने एक सिक्योरिटी अलर्ट में कहा कि इलाके में सुरक्षा हालात जटिल बने हुए हैं। साथ ही, उड़ानों के रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में अन्य रुकावटों की संभावना के बारे में भी चेतावनी दी गई।
किसी भी कारण से ईरान की यात्रा न करें
अलर्ट में कहा गया, "किसी भी कारण से ईरान की यात्रा न करें। अमेरिकी नागरिकों को अभी ईरान छोड़ देना चाहिए।" अमेरिकी मिशन ने इलाके में मौजूद अमेरिकियों से ज़्यादा सतर्क रहने और एयरपोर्ट, एयरलाइन और बॉर्डर क्रॉसिंग से जुड़ी गतिविधियों पर नज़र रखने की अपील की। इसमें यह भी चेतावनी दी गई कि ईरान की ज़मीनी सीमाओं पर प्रक्रियाएं बिना ज़्यादा सूचना के बदल सकती हैं। यात्रियों को सलाह दी गई कि वे उन देशों की एंट्री से जुड़ी ज़रूरतों की जांच कर लें, जहां वे जाना चाहते हैं। यह अलर्ट अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच जारी किया गया है। वॉशिंगटन, तेहरान पर सैन्य और समुद्री दबाव बनाए हुए है, जबकि ईरानी अधिकारी इलाके में अमेरिकी हितों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं।
अमेरिका ने ईरान समर्थित हूथी ताकतों की गतिविधियों का भी ज़िक्र किया, जिन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ हमले किए हैं, जिनमें आम नागरिकों के एयरपोर्ट भी शामिल हैं। अलर्ट में कहा गया, "ईरान समर्थित हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ हमले किए हैं, जिनमें आम नागरिकों के एयरपोर्ट भी शामिल हैं। इस सैन्य संघर्ष के तेज़ी से बढ़ने की आशंका है।" अमेरिका ने आगे चेतावनी दी कि उसके डिप्लोमैटिक ठिकानों (जिनमें मिडिल ईस्ट के बाहर की जगहें भी शामिल हैं) को पहले भी निशाना बनाया जा चुका है। ईरान या तेहरान का समर्थन करने वाले समूह विदेशों में अमेरिकी हितों, व्यवसायों और संस्थानों को निशाना बना सकते हैं।
अमेरिकी नागरिकों को सलाह
अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई कि वे सिक्योरिटी अपडेट पाने और इमरजेंसी के समय अमेरिकी डिप्लोमैटिक अधिकारियों से संपर्क आसान बनाने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट के 'स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम' (STEP) में रजिस्टर करें। अलर्ट में नागरिकों को प्रदर्शनों, बड़ी भीड़ वाली जगहों और भारी पुलिस मौजूदगी वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई। साथ ही, अमेरिका से सार्वजनिक रूप से जुड़ी जगहों पर ज़्यादा ध्यान आकर्षित न करने (लो-प्रोफाइल रहने) की भी सलाह दी गई। हवाई हमले की स्थिति में, अमेरिकियों को खिड़कियों और कांच के दरवाजों से दूर रहने, गिरी हुई चीज़ों से बचने और सरकारी सूचनाओं पर नज़र रखने के निर्देश दिए गए थे।
यह ताज़ा चेतावनी सऊदी अरब में अमेरिकियों और अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों के लिए जारी एक अलग सुरक्षा अलर्ट के बाद आई है। सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के लिए ताइफ़ और यानबू की आधिकारिक और निजी यात्रा के लिए विशेष अनुमति लेना ज़रूरी कर दिया था, क्योंकि हौथी हमलों के बाद सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई थीं।
आपातकालीन चेतावनी जारी
रियाद की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के बाद सऊदी अधिकारियों ने "दुश्मन के हवाई हमले के खतरे" को लेकर आपातकालीन चेतावनी जारी की थी। सऊदी के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने कहा कि मिसाइल को बीच में ही रोक दिया गया था और उन्होंने बिश, ताइफ़, फ़रासान और यानबू में आम लोगों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कोशिशों की भी जानकारी दी।
कतर ने हौथी हमलों की निंदा की है और सऊदी अरब के साथ एकजुटता दिखाई है, साथ ही इन हमलों को देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अलग से पश्चिमी एशिया की यात्रा करने वाले या वहाँ से गुज़रने वाले अमेरिकियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है, क्योंकि क्षेत्रीय तनाव के कारण अचानक उड़ानें रुकने, हवाई क्षेत्र बंद होने और अमेरिकी हितों को निशाना बनाकर हमले होने का खतरा बढ़ गया है।