Edited By Tanuja,Updated: 16 Feb, 2026 01:00 PM

बांग्लादेश में अवामी लीग नेताओं की हिरासत में मौतों का मामला गहराता जा रहा है। गैबांधा जिला जेल में पार्टी नेता शमीकुल इस्लाम की मौत हो गई। विपक्ष ने अंतरिम सरकार पर राजनीतिक दमन और जानबूझकर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
International Desk:बांग्लादेश में अवामी लीग के नेताओं की हिरासत में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला गैबांधा जिला जेल से सामने आया है, जहां पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता शमीकुल इस्लाम की हिरासत में मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, 60 वर्षीय शमीकुल इस्लाम, जो पलाशबाड़ी उपजिला में अवामी लीग के अध्यक्ष थे, रविवार को अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। उन्हें पहले सदर अस्पताल ले जाया गया और बाद में रंगपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
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जेल प्रशासन की सफाई
गैबांधा जिला जेल के प्रमुख एमडी अतिकुर रहमान ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि शमीकुल को समय रहते इलाज के लिए भेजा गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हालांकि, बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार ने जेल सूत्रों के हवाले से बताया कि अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने के बाद शमीकुल इस्लाम पर कई मामले दर्ज किए गए थे। उन्हें दिसंबर 2024 में ढाका से गिरफ्तार किया गया था और जमानत मिलने के बावजूद दोबारा एक अन्य केस में जेल भेज दिया गया।
यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप
इस घटना के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर राजनीतिक दमन के आरोप और तेज हो गए हैं। अवामी लीग का कहना है कि यह मौतें संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित उपेक्षा का नतीजा हैं। इससे पहले 7 फरवरी को पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता रमेश चंद्र सेन की भी दिनाजपुर जिला जेल में पुलिस हिरासत के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अवामी लीग का तीखा बयान
अवामी लीग ने आरोप लगाया कि जेलों को राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने का “मौन हथियार” बनाया जा रहा है। पार्टी ने कहा “इसे प्राकृतिक मौत कहा जा रहा है, लेकिन सच यह है कि बुजुर्ग और बीमार नेताओं को जानबूझकर उन्नत इलाज से वंचित किया गया। यह राज्य द्वारा किया गया अपराध है।” पार्टी ने चेतावनी दी कि हिरासत में हो रही मौतों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।