Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 Feb, 2026 03:09 PM

अमेरिका के सिएटल में भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की दर्दनाक मौत के मामले में आखिरकार एक बड़ा कानूनी समझौता हुआ है। सिएटल प्रशासन जाह्नवी के परिवार को मुआवजे के तौर पर 29 मिलियन डॉलर यानी करीब 262 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया है। परिवार ने पहले...
नेशनल डेस्क: अमेरिका के सिएटल में भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की दर्दनाक मौत के मामले में आखिरकार एक बड़ा कानूनी समझौता हुआ है। सिएटल प्रशासन जाह्नवी के परिवार को मुआवजे के तौर पर 29 मिलियन डॉलर यानी करीब 262 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया है। परिवार ने पहले 110 मिलियन डॉलर का मुकदमा किया था, लेकिन अब इस भारी-भरकम राशि पर समझौते की मुहर लग गई है। इस रकम का बड़ा हिस्सा शहर की बीमा कंपनी वहन करेगी।
एक होनहार छात्रा और वह काली रात
23 साल की जाह्नवी कंडुला आंध्र प्रदेश की रहने वाली थीं और सिएटल की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री कर रही थीं। जनवरी 2023 की एक शाम जब वह पैदल सड़क पार कर रही थीं, तभी एक पुलिस वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि जाह्नवी हवा में उछलकर करीब 100 फीट दूर जा गिरीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
रफ्तार का कहर:
40 की लिमिट और 119 की स्पीड हादसे की जांच में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पुलिस अधिकारी केविन डेव एक आपातकालीन कॉल पर जा रहे थे। जिस सड़क पर रफ्तार की सीमा महज 40 किमी प्रति घंटा थी, वहां उनकी गाड़ी 119 किमी प्रति घंटा की तूफानी रफ्तार से दौड़ रही थी। हालांकि पुलिस अधिकारी ने सायरन बजाने का दावा किया, लेकिन इतनी अधिक स्पीड जाह्नवी के लिए काल बन गई। ड्राइवर अधिकारी को बाद में लापरवाही का दोषी पाते हुए नौकरी से निकाल दिया गया।
उस हंसी ने जख्मों पर छिड़का था नमक
यह मामला सिर्फ एक हादसे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तब अंतरराष्ट्रीय विवाद बन गया जब एक दूसरे पुलिस अधिकारी डेनियल ऑडरर का बॉडीकैम फुटेज लीक हुआ। वीडियो में वह जाह्नवी की मौत पर हंसते हुए कह रहे थे कि "उसकी उम्र कम थी और उसकी वैल्यू सीमित थी, बस एक चेक लिख दो।" इस असंवेदनशील बयान ने भारत से लेकर अमेरिका तक लोगों में गुस्सा भर दिया। भारत सरकार ने भी इस पर कड़ा विरोध जताया था, जिसके बाद उस अधिकारी को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
अधूरा न्याय, लेकिन परिवार को थोड़ा सुकून
यद्यपि अधिकारी केविन डेव पर कोई गंभीर आपराधिक मुकदमा नहीं चल सका और वह सिर्फ 5,000 डॉलर का जुर्माना भरकर बच गए, लेकिन यह करोड़ों का समझौता प्रशासन की गलती को स्वीकार करने जैसा है। परिवार के वकीलों का कहना है कि पैसा जाह्नवी को वापस नहीं ला सकता, लेकिन यह इस बात का प्रमाण है कि उसकी जिंदगी की कीमत उन भद्दे कमेंट्स से कहीं ज्यादा थी।