Edited By Tanuja,Updated: 11 Apr, 2026 01:13 PM

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ अहम शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म करने की कोशिश हो रही है। पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में है, जबकि दुनिया की नजर इस बैठक पर टिकी है और नतीजे बेहद महत्वपूर्ण माने...
International Desk:अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ के नेतृत्व वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम शांति वार्ता के लिए शनिवार को पाकिस्तान पहुंचे। इस वार्ता का उद्देश्य पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करना है। वेंस के नूर खान एयरबेस पहुंचने पर पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने उनकी अगवानी की। वेंस के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर भी हैं। उन्होंने पाकिस्तान रवाना होने से पहले कहा था कि वह वार्ता को लेकर आशान्वित हैं और उम्मीद करते हैं कि यह ''सकारात्मक'' रहेगी।
वेंस ने विमान में सवार होने से पहले कहा था, "जैसा कि (अमेरिका के) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरानी अच्छी नीयत से बातचीत करने को तैयार हैं तो हम सहयोग का हाथ बढ़ाने के लिए निश्चित रूप से तत्पर हैं लेकिन अगर वे हमारे साथ 'खेल खेलने' की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि वार्ता करने वाली टीम इतनी भी सहयोगी नहीं है।'' ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ वार्ता के लिए शनिवार तड़के पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा। दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की उम्मीद के साथ दुनिया भर की नजरें इस वार्ता पर टिकी हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा करते हुए कहा था कि अमेरिका और ईरान इस्लामाबाद में वार्ता करेंगे। उन्होंने 'एक्स' पर जारी अपना वक्तव्य अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों को भी 'टैग' किया था।