ईरान से सीजफायर के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, शांतिवार्ता के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस

Edited By Updated: 08 Apr, 2026 10:38 PM

jd vance will not go to islamabad for peace talks

ईरान के साथ हुए युद्धविराम को अभी 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन इस बीच अमेरिका की ओर से शांतिवार्ता को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता...

इंटरनेशनल डेस्कः ईरान के साथ हुए युद्धविराम को अभी 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन इस बीच अमेरिका की ओर से शांतिवार्ता को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल नहीं हो सकते।

सुरक्षा कारणों से बदल सकता है फैसला
ट्रंप ने अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में बताया कि सीजफायर के बाद ईरान के साथ बातचीत “बहुत जल्द” हो सकती है, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के चलते जेडी वेंस की मौजूदगी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने कहा, “टीम में वेंस भी हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर कुछ सवाल हैं, इसलिए यह पक्का नहीं है कि वे शामिल होंगे या नहीं।”

शांति वार्ता के लिए बनी खास टीम
ट्रंप ने बताया कि बातचीत के लिए बनाई गई टीम में स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर और जेडी वेंस शामिल हैं। इसी टीम ने पाकिस्तान के नेताओं के साथ मिलकर 39 दिनों से जारी युद्ध को रोकने के लिए बातचीत की थी। अब पाकिस्तान ने शुक्रवार तक इस्लामाबाद में एक शिखर सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है।

10-सूत्रीय प्रस्ताव पर बनी सहमति
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव को स्थायी शांति समझौते के आधार के रूप में स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान की कुछ मांगों पर अंतिम सहमति बनना मुश्किल हो सकता है।

युद्ध के उद्देश्य और आगे की रणनीति
ट्रंप के अनुसार,इजराइल के साथ मिलकर शुरू किए गए इस अभियान के चार मुख्य उद्देश्य थे—

  • तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना
  • नौसेना को कमजोर करना
  • बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को नष्ट करना
  • प्रॉक्सी समूहों को मिलने वाले समर्थन को खत्म करना

होर्मुज खोलने और यूरेनियम पर भी चर्चा
सीजफायर समझौते की एक अहम शर्त स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए फिर से खोलना भी है, जिसे ईरान ने संघर्ष के दौरान बंद कर दिया था। इसके अलावा, भविष्य की बातचीत में ईरान की टोल वसूली योजना और गहराई में सुरक्षित रखे गए समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) पर भी चर्चा होने की संभावना है।

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