मोदी-सुबियांतो ने बड़े रक्षा समझौते पर लगाई मुहर, इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल देगा भारत

Edited By Updated: 07 Jul, 2026 08:30 PM

india to supply 2 brahmos missile batteries worth 200 million to indonesia

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की वार्ता में भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, यूपीआई कनेक्टिविटी और सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास समेत कई अहम समझौतों पर सहमति बनी।

International Desk: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच मंगलवार को हुई वार्ता में इंडोनेशियाई सैन्य बलों को ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ बनाने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा, दवाओं और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी 2018 की भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत व्यापार तथा सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण के तहत सोमवार को जकार्ता पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।

 

ऐसा समझा जाता है कि दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में इंडोनेशिया ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान इस हथियार की सफलता के बाद हवा से हवा में प्रहार करने वाली 'अस्त्र' मिसाइलों का भारत से आयात करने का फैसला किया है। महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए, भारत ने इंडोनेशिया में इस्पात, निकल और दुलर्भ स्थायी चुंबकों के निर्माण में निवेश करने का फैसला किया। भारत और इंडोनेशिया ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सबांग बंदरगाह का संयुक्त रूप से विकास करने पर भी सहमति जताई। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है और भारत की ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना से लगभग 100 मील की दूरी पर है।

 

वार्ता के बाद अपने मीडिया बयान में मोदी ने कहा, ''2018 में बनी हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी आज एक नयी उड़ान ले रही है। हम विकास, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा.. हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ''मुझे विश्वास है, आज से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक सुनहरा अध्याय शुरू होगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता विश्वास द्विपक्षीय रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा, ''आज हमने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनाई।'' मोदी ने इंडोनेशिया में भारतीय प्रबंधन संस्थान-बेंगलुरु का एक परिसर स्थापित करने के निर्णय की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, ''हमें बहुत खुशी है कि भारत का UPI इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली के साथ जुड़ने जा रहा है।

 

इससे व्यापार सुगमता और यात्रा सुगमता, दोनों को ही बल मिलेगा।'' दोनों पक्षों ने समुद्री अर्थव्यवस्था, समुद्री व्यापार और बंदरगाह विकास के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा, ''वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना है कि संवाद और कूटनीति की भूमिका, पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।'' उन्होंने कहा, ''फलस्तीन के विषय पर, हम द्वि-राष्ट्र समाधान और दीर्घकालिक शांति का समर्थन करते हैं।''  

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