Edited By Tanuja,Updated: 30 Jul, 2026 01:41 PM

जापान में भूकंप आने से कुछ सेकंड पहले एक पालतू बिल्ली के अचानक बिस्तर छोड़कर भागने का वीडियो वायरल हो गया है। घटना ने यह बहस फिर छेड़ दी है कि क्या जानवर इंसानों से पहले प्राकृतिक आपदाओं का आभास कर लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका अभी तक कोई...
इंटरनेशनल डेस्क: जापान में आए हालिया भूकंप से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक पालतू बिल्ली भूकंप के झटके आने से कुछ सेकंड पहले अचानक बिस्तर से कूदकर भाग जाती है। इसके तुरंत बाद पूरा कमरा तेज़ी से हिलने लगता है। घर में लगे पेट कैमरे में कैद यह घटना अब दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बिल्ली आराम से बिस्तर पर लेटी हुई थी। अचानक वह सतर्क हो जाती है, सिर उठाकर कमरे के चारों ओर देखने लगती है और बिना किसी स्पष्ट वजह के तेजी से बिस्तर से नीचे कूदकर दूर चली जाती है। कुछ ही सेकंड बाद तेज भूकंप आता है और कमरे में रखा सामान हिलने लगता है। यह पूरी घटना घर में लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने दावा किया कि उनके पालतू कुत्ते और बिल्लियां भी भूकंप से पहले असामान्य व्यवहार करने लगते हैं। कुछ यूजर्स ने इसे जानवरों की 'सिक्स्थ सेंस' बताया, जबकि अन्य का कहना है कि जानवरों की सुनने और कंपन महसूस करने की क्षमता इंसानों से कहीं अधिक विकसित होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि जानवर भूकंप की सटीक भविष्यवाणी कर सकते हैं। हालांकि कई शोध बताते हैं कि कुछ जानवर जमीन में होने वाले बेहद हल्के कंपन, कम आवृत्ति वाली तरंगों और वातावरण में होने वाले सूक्ष्म बदलावों को इंसानों से पहले महसूस कर सकते हैं। यही कारण हो सकता है कि वे भूकंप से पहले बेचैन या असामान्य व्यवहार करते दिखाई दें। वैज्ञानिकों का कहना है कि केवल जानवरों के व्यवहार के आधार पर भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यह कई टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है, इसलिए यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इसी वजह से वहां लोगों को आपदा से बचाव का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है और इमारतों का निर्माण भी भूकंपरोधी तकनीक से किया जाता है। इस वीडियो ने इसलिए लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि इसमें बिल्ली का व्यवहार भूकंप आने से ठीक पहले बदलता हुआ साफ दिखाई देता है। हालांकि विशेषज्ञ इसे प्राकृतिक संवेदनशीलता से जोड़ते हैं, लेकिन यह भी स्पष्ट करते हैं कि ऐसे व्यवहार को भूकंप का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता। फिर भी यह वीडियो लोगों के बीच जिज्ञासा और वैज्ञानिक चर्चा का विषय बन गया है।