"ध्यान-योग" को देश के लिए खतरा मानता है चीन,Falun Gong अभ्यास करने वाले मां-बेटे को 6 साल जेल की सजा

Edited By Updated: 08 Feb, 2026 03:45 PM

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चीन में लिंगहाई कोर्ट ने फालुन गोंग अभ्यास के आरोप में लू सुपिंग और उनके बेटे जियांग नान को छह-छह साल की जेल और 15,000 युआन जुर्माना दिया। दोनों को 2025 में गिरफ्तार किया गया था। यह उनकी कई बार की गिरफ्तारी का हिस्सा है और फालुन गोंग पर चीन की सख्त...

Bejing: चीन में फालुन गोंग (Falun Gong) के अभ्यास के कारण एक मां और उसके बेटे को एक साथ लंबे समय की जेल की सजा सुनाई गई है। लिआओनिंग प्रांत के लिंगहाई सिटी कोर्ट ने 26 दिसंबर 2026 को लू सुपिंग (69) और उनके बेटे जियांग नान (45) को फालुन गोंग के अभ्यास के आरोप में समान रूप से छह-छह साल की जेल और 15,000 युआन का जुर्माना दिया। उनकी सजा 1 जून 2031 तक चलेगी। दोनों पर कार्रवाई का नवीनतम दौर 2 जून 2025 को शुरू हुआ, जब जियांग ने अपने घर का दरवाजा खोला और वहां घुसे सात से अधिक सादे वस्त्रधारी अधिकारी उसे जमीन पर गिराकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घर में छापा मारा, फालुन गोंग की किताबें, संस्थापक की तस्वीर, दो मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किए। बाद में लू, जियांग और दो अन्य प्रैक्टिशनरों को लिंगहाई डिटेंशन सेंटर में ले जाया गया।

 

3 जुलाई 2025 को लिंगहाई प्रॉक्यूरेटरेट ने औपचारिक गिरफ्तारी वारंट जारी किए। जियांग ने वकील नियुक्त करने की कोशिश की, लेकिन अभियोजक ने उसे फालुन गोंग प्रैक्टिशनर का वकील होने पर धमकाया। सितंबर में पुलिस ने मामला अभियोजन के लिए भेजा और अक्टूबर में आरोप-पत्र पक्का हुआ। दोनों का मुकदमा 22 दिसंबर 2025 को हुआ और चार दिन बाद सजा सुनाई गई, लेकिन परिवार को जनवरी 2026 के अंत तक इसकी जानकारी नहीं मिली। यह पहली बार नहीं है जब मां-बेटे को फालुन गोंग के कारण जेल हुई है। 2013 में दोनों को गुप्त तरीके से गिरफ्तार कर 3-3.5 साल की सजा दी गई थी। लू को लिआओनिंग प्रांत महिला जेल में भेजा गया था और जियांग को जिनझोउ तथा बाद में शेनयांग की जेलों में रखा गया।

 

2002 में लू को गिरफ्तार कर सात पुरुष अधिकारियों ने पीटा, जिससे उनका चेहरा सूज गया और विकृत हो गया। फालुन गोंग पर चीन की दमन नीति का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत अनुयायियों को दंडित करना नहीं, बल्कि परिवारों को तोड़ना और निजी जीवन को नियंत्रण में लेना भी माना जाता है। लू और जियांग के मामले में यह स्पष्ट दिखता है, क्योंकि उन्हें एक साथ गिरफ्तार, मुकदमा और सजा मिली। फिर भी, उनकी कहानी संघर्ष और दृढ़ता की भी मिसाल है। लू का कहना है कि फालुन गोंग ने उनकी सेहत ठीक की और पारिवारिक संबंधों को बेहतर बनाया। जियांग ने बार-बार गिरफ्तारियों के बावजूद पढ़ाना जारी रखा और अपने छात्रों व अभिभावकों का सम्मान पाया।

 

क्या है फालुन गोंग (Falun Gong)?
फालुन गोंग (Falun Gong) एक आध्यात्मिक अभ्यास है जिसे 1992 में चीन में लि हुन (Li Hongzhi) ने शुरू किया था। यह एक तरह की ध्यान-आधारित योग/अभ्यास प्रणाली है, जिसमें मुख्य रूप से मेडिटेशन, सरल शारीरिक अभ्यास और नैतिक सिद्धांत शामिल हैं।इसमें पाँच अभ्यास (exercises) होते हैं, जिनमें शांत ध्यान और धीमे-धीमे शारीरिक आंदोलनों वाला अभ्यास शामिल है।  यह किसी धर्म के रूप में प्रचारित नहीं होता, बल्कि एक आध्यात्मिक/स्वास्थ्य आधारित अभ्यास माना जाता है।

 

  फालुन गोंग  के तीन मूल सिद्धांत 

  • सत्य (Truthfulness)
  • दयालुता (Compassion)
  • सहनशीलता (Forbearance)

 

फालुन गोंग का विवाद
चीन में इसे 1990 के दशक में बहुत तेजी से फैलने वाला आंदोलन माना गया।1999 में चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने इसे प्रतिबंधित कर दिया, क्योंकि वे इसे राजनीतिक रूप से खतरा समझने लगे थे। इसके बाद से चीन में फालुन गोंग के अभ्यास करने वालों पर कठोर दमन और गिरफ्तारी की खबरें आती रही हैं। चीन सरकार का कहना है कि यह राजनीतिक खतरा है।समर्थक और मानवाधिकार संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं। चीन में फालुन गोंग के अनुयायियों के खिलाफ जबरदस्ती की “री-एडुकेशन” और जेल जैसी कार्रवाई की रिपोर्टें आती रही हैं।

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