Edited By Tanuja,Updated: 29 Jan, 2026 12:36 PM

कई वर्षों की तल्खी के बाद ब्रिटेन और चीन ने रिश्ते सुधारने की पहल की है। बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर की मुलाकात हुई, जिसमें वैश्विक स्थिरता, व्यापार और जलवायु परिवर्तन पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
Bejing: कई वर्षों के तनाव और मतभेदों के बाद ब्रिटेन और चीन ने अपने रिश्तों को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी कड़ी में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने गुरुवार को बीजिंग में मुलाकात की। स्टार्मर ने कहा कि मौजूदा कठिन वैश्विक हालात में दुनिया के लिए चीन के साथ मजबूत और सकारात्मक संबंध बेहद जरूरी हैं। उन्होंने राष्ट्रपति शी से कहा कि दोनों देशों को वैश्विक स्थिरता, जलवायु परिवर्तन और अन्य अहम मुद्दों पर मिलकर काम करना चाहिए। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ब्रिटेन और चीन को एक दीर्घकालिक, टिकाऊ और व्यापक रणनीतिक साझेदारी की जरूरत है।”
गौरतलब है कि आठ साल बाद किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में चीनी राष्ट्रपति से यह पहली मुलाकात है। स्टार्मर ऐसे समय चीन पहुंचे हैं, जब ब्रिटेन की घरेलू अर्थव्यवस्था सुस्त है और वह अपने उद्योगों के लिए नए व्यापारिक अवसर तलाश रहा है। इस यात्रा में स्टार्मर के साथ 50 से अधिक कारोबारी नेता और कई सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इससे पहले उन्होंने चीन की संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ के अध्यक्ष जाओ लेजी से भी मुलाकात की। बीते वर्षों में चीन की कथित जासूसी गतिविधियों, यूक्रेन युद्ध में रूस को समर्थन, और हांगकांग में लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं पर पाबंदियों को लेकर ब्रिटेन-चीन संबंधों में खटास आई थी। हांगकांग 1997 तक ब्रिटेन का उपनिवेश रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया फैसलों से वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ी है। इसी कारण कई देश अब चीन के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। स्टार्मर इस महीने चीन जाने वाले अमेरिकी सहयोगी देशों के चौथे नेता हैं। इससे पहले दक्षिण कोरिया, कनाडा और फिनलैंड के नेता बीजिंग आ चुके हैं, जबकि जर्मनी के चांसलर के अगले महीने आने की संभावना है। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था इस समय दबाव में है। महंगाई, निवेश में गिरावट और वैश्विक व्यापार संकट ने लंदन को नए साझेदारों की तलाश में मजबूर कर दिया है।
ऐसे में प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर की चीन यात्रा को आर्थिक जरूरत के रूप में देखा जा रहा है। स्टार्मर ने राष्ट्रपति शी से मुलाकात में साफ किया कि ब्रिटेन चीन के साथ दीर्घकालिक और स्थिर साझेदारी चाहता है। इस यात्रा में 50 से अधिक कारोबारी नेताओं की मौजूदगी बताती है कि बातचीत का केंद्र व्यापार और निवेश है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन अब वैचारिक टकराव से हटकर व्यावहारिक नीति अपनाना चाहता है, ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सके।