Edited By Tanuja,Updated: 11 Jun, 2026 01:12 PM

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने 13 ऐसी वेबसाइटों को बंद कर दिया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर चीन से जुड़े नेटवर्क द्वारा संवेदनशील सरकारी जानकारी रखने वाले वर्तमान और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था। इन वेबसाइटों पर...
International Desk: अमेरिकी न्याय विभाग ने बुधवार को बताया कि संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने 13 ऐसी वेबसाइट पर रोक लगा दी है, जिन्हें चीन द्वारा अमेरिकी कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। ये ऐसे कर्मचारी थे जिन्हें गोपनीय या संवेदनशील सरकारी सूचनाओं तक पहुंच प्राप्त थी। अधिकारियों के मुताबिक, इन वेबसाइट को परामर्श कंपनियों से जुड़ा बताया जाता था और सुरक्षा मंजूरी रखने वाले वर्तमान एवं पूर्व सरकारी कर्मचारियों के लिए नौकरी के विज्ञापन देती थीं। हालांकि जांच में पता चला कि ये कंपनियां और नौकरी के प्रस्ताव पूरी तरह फर्जी थे।
यह कार्रवाई पश्चिमी देशों की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिनके तहत चीन पर संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए सरकारी कर्मचारियों की भर्ती करने के आरोपों को उजागर किया जा रहा है। हाल में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के खुफिया गठबंधन 'फाइव आइज़' ने भी चेतावनी जारी की थी कि चीन नौकरी संबंधी वेबसाइट्स के जरिए संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रहा है। एफबीआई के शपथपत्र के अनुसार, इन फर्जी वेबसाइट को विश्वसनीय दिखाने के लिए चोरी या फर्जी पहचान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार तस्वीरों का उपयोग किया गया। नौकरी के विज्ञापन मुख्य रूप से वर्तमान या पूर्व अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को आकर्षित करने के लिए बनाए गए थे।
इन वेबसाइट के लिंक अक्सर 'लिंक्डइन' और अन्य नौकरी संबंधी मंचों पर भी साझा किए जाते थे। न्याय विभाग ने कहा कि आवेदकों को उनके काम से संबंधित रिपोर्ट और संवेदनशील जानकारी देने के बदले धन की पेशकश की जाती थी। अधिकारियों का आरोप है कि इस नेटवर्क के संचालकों के चीन की खुफिया एजेंसियों से संबंध थे और वे अपनी पहचान छिपाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी तथा ऑनलाइन भुगतान प्रणालियों का इस्तेमाल करते थे। एफबीआई को इस नेटवर्क की जानकारी उन लोगों से मिली जिन्होंने संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की थी। वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने जासूसी के आरोपों को ''पूरी तरह मनगढ़ंत'' और ''दुर्भावनापूर्ण'' बताया है।