Edited By Pardeep,Updated: 18 Jun, 2026 06:04 AM

फ्रांस के एवियन में हाल ही में संपन्न हुई जी7 (G7) समिट ने चीन की रातों की नींद उड़ा दी है।
बीजिंग: फ्रांस के एवियन में हाल ही में संपन्न हुई जी7 (G7) समिट ने चीन की रातों की नींद उड़ा दी है। दुनिया के सबसे अमीर देशों की इस महा-बैठक में शामिल होने के लिए चीन को न्योता नहीं भेजा गया जिससे ड्रैगन बुरी तरह बौखला गया है। इसी बौखलाहट में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए एक समानांतर वैश्विक समूह बनाने का ऐलान कर दिया है।
'ग्लोबल एआई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन' से मचेगी खलबली
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार (17 जून, 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि चीन 'ग्लोबल एआई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन' की स्थापना की तैयारी तेज कर चुका है। चीन का दावा है कि वह अब पूरी दुनिया की कमान अपने हाथ में लेने की तैयारी कर चुका है और इस संगठन के जरिए एआई (AI) के क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करेगा।
अमेरिका की 'दादागिरी' से परेशान देशों पर नजर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिनपिंग उन विकसित और विकासशील देशों पर दांव लगा रहे हैं जिन्हें पश्चिमी देशों ने उनके रहम पर छोड़ दिया है। इस नए ग्रुप को मजबूत करने के लिए चीन ब्रिक्स (BRICS) और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का इस्तेमाल करेगा जिससे माना जा रहा है कि इस गठबंधन में रूस और ईरान जैसे देश भी शामिल होंगे। चीन ने खुले तौर पर उन देशों को न्योता दिया है जो अमेरिका की दादागिरी से परेशान हैं ताकि उनके खिलाफ एक मजबूत मोर्चा तैयार किया जा सके।