ताइवान ने ठुकराया चीन का ‘एकीकरण’ मॉडल, कहा-यह दोस्ती नहीं...कब्जे की तैयारी

Edited By Updated: 14 Jun, 2026 06:05 PM

china s fake integration strategy exposed as taiwan rejects annexation agenda

ताइवान ने चीन की तथाकथित "एकीकरण" नीति को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि बीजिंग आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग के नाम पर अंततः ताइवान को अपने में मिलाने की रणनीति अपना रहा है। ताइवान का कहना है कि चीन की नीति वास्तव में "एकीकरण नहीं, बल्कि दबाव" की...

International Desk: ताइवान ने चीन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि बीजिंग आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नाम पर ताइवान को अपने में मिलाने की दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। ताइवान ने चीन का ‘एकीकरण’ मॉडल ठुकराते हुए  कहा-यह दोस्ती नहीं, कब्जे की तैयारी है क्योंकि  चीन की यह नीति "वास्तविक एकीकरण नहीं, बल्कि वास्तविक दबाव" की रणनीति है। यह बयान तब सामने आया जब चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था के अध्यक्ष Wang Huning ने श्यामेन में आयोजित वार्षिक स्ट्रेट्स फोरम के दौरान ताइवान की विपक्षी पार्टी के नेताओं से मुलाकात की।

 

‘वन चाइना’ और ‘1992 कंसेंसस’ पर फिर जोर
बैठक के दौरान वांग हुनिंग ने चीन की पुरानी नीति दोहराते हुए "वन चाइना" सिद्धांत और तथाकथित "1992 कंसेंसस" को दोनों पक्षों के संबंधों का आधार बताया।हालांकि ताइवान की Mainland Affairs Council (MAC) ने इस रुख की आलोचना करते हुए कहा कि चीन लगातार संवाद के लिए राजनीतिक शर्तें थोपता रहा है और ताइवान को एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक व्यवस्था के रूप में स्वीकार करने से इनकार करता है।

 

‘ताइवान का अस्तित्व  ही नहीं मानता चीन’
एमएसी का कहना है कि ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों किनारों के बीच सार्थक संवाद में सबसे बड़ी बाधा यही है कि चीन ताइवान की मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वशासन की वास्तविकता को स्वीकार नहीं करता। परिषद ने कहा कि जब तक बीजिंग इस मूलभूत वास्तविकता को नहीं मानेगा, तब तक स्थायी समाधान और विश्वास बहाली मुश्किल रहेगी। ताइवान ने आरोप लगाया कि Xi Jinping द्वारा प्रस्तुत क्रॉस-स्ट्रेट संबंधों का ढांचा वैचारिक एकता, आर्थिक समावेशन, सांस्कृतिक मेलजोल और अंततः राष्ट्रीय पुनर्एकीकरण पर आधारित है। एमएसी के अनुसार, यह मॉडल वास्तव में ताइवान के स्वतंत्र राजनीतिक अस्तित्व के लिए कोई स्थान नहीं छोड़ता।

 

विपक्षी नेताओं पर भी साधा निशाना
ताइवान की विपक्षी पार्टी Kuomintang (KMT) के उपाध्यक्ष Chang Jung-kung ने कहा कि 1992 कंसेंसस का समर्थन और ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करने से दोनों पक्षों के बीच संबंध बेहतर हो सकते हैं। इस पर एमएसी ने अफसोस जताते हुए कहा कि कुछ ताइवानी नेता अनजाने में बीजिंग के राजनीतिक नैरेटिव को मजबूत कर रहे हैं, जिससे देश के भीतर विभाजन बढ़ सकता है।  ताइवान ने यह भी आरोप लगाया कि एक ओर चीन आर्थिक एकीकरण और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर वह ताइवान के आसपास लगातार सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है। China के लड़ाकू विमान और नौसैनिक जहाज नियमित रूप से ताइवान के आसपास सक्रिय रहते हैं, जिसे ताइवान क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा मानता है।

   

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